3200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन मामले में एक और आरोपित गिरफ्तार
कानपुर, 12 जून (हि.स.)। चकेरी पुलिस ने 3200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन और फर्जी कंपनियों के नेटवर्क से जुड़े मामले में एक और आरोपित संजीव दीक्षित को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह गरीब और बेरोजगार लोगों को सरकारी योजनाओं और बीमा का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके आधार, पैन और अन्य दस्तावेज हासिल करता था। बाद में इन्हीं दस्तावेजों के जरिए फर्जी कंपनियां और बैंक खाते खोले जाते थे। जांच में उसके द्वारा संचालित 13 कंपनियों के खातों में 323 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन सामने आया है।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने शुक्रवार को बताया कि यशोदा नगर निवासी संजीव दीक्षित इस मामले में पहले गिरफ्तार होकर जेल भेजे जा चुके महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी का करीबी सहयोगी है। जांच में सामने आया कि वह फर्जी कंपनियों के संचालन, बैंक खाते खुलवाने और लेनदेन की पूरी प्रक्रिया संभालता था। इन खातों के जरिए कथित तौर पर आईटीसी घोटाला, टैक्स चोरी और काले धन को खपाने का काम किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक कई स्क्रैप कारोबारी, स्लॉटर हाउस संचालक और अन्य व्यवसायी भी जांच के दायरे में आए हैं। संजीव दीक्षित के खिलाफ पहले भी फर्जी दस्तावेजों और धोखाधड़ी से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं। जेल से छूटने के बाद उसने दोबारा यही नेटवर्क सक्रिय कर लिया था।
पुलिस के अनुसार संजीव दीक्षित कोई नया अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ चकेरी और अनवरगंज थानों में धोखाधड़ी, कूटरचित और रंगदारी समेत छह मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वह पूर्व में भी इसी तरह के मामलों में जेल जा चुका है, लेकिन रिहा होने के बाद दोबारा फर्जी कंपनियों और बैंक खातों के नेटवर्क से जुड़ गया।
पुलिस का कहना है कि 3200 करोड़ रुपये के इस मामले में अब तक 10 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और अन्य आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। जांच एजेंसियां उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं जिन्होंने फर्जी कंपनियों और बैंक खातों के माध्यम से लेनदेन किया। गौरतलब है कि फरवरी में चकेरी क्षेत्र में हुई एक लूट की जांच के दौरान इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था, जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ते-बढ़ते हजारों करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन तक पहुंच गया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

