पन्ना : लाखों घनमीटर खनिज का संदिग्ध भंडारण, क्रेशर प्लांट सील; 10 डंपर और दो पोकलेन जब्त
पन्ना, 13 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पन्ना-सतना मार्ग पर बहेरा स्थित रेलवे परियोजना के खनिज भंडारण स्थल पर खनिज विभाग की जांच में स्वीकृत मात्रा से कई गुना अधिक खनिज सामग्री का भंडारण और मौके पर क्रेशर प्लांट संचालित होने का मामला सामने आया है। विभागीय टीम ने कार्रवाई करते हुए क्रेशर प्लांट को सील कर दिया है। मौके से 10 डंपर और दो पोकलेन मशीनें भी जब्त की गई हैं।
बताया गया है कि बहेरा डंप पर रेलवे परियोजना से प्राप्त बोल्डर के भंडारण की अनुमति की आड़ में निर्धारित मात्रा से अधिक खनिज सामग्री रखे जाने और क्रेशर के माध्यम से गिट्टी एवं एम-सैंड तैयार कर बिक्री किए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। प्रारंभिक स्थलीय आकलन में करीब 12 लाख घनमीटर गिट्टी एग्रीगेट, 9 लाख घनमीटर प्राकृतिक बोल्डर और 4 लाख घनमीटर एम-सैंड का भंडारण पाया गया। इस तरह मौके पर कुल करीब 25 लाख घनमीटर खनिज सामग्री होने का अनुमान लगाया गया है।
मौके पर निरीक्षण के दौरान संबंधित खनिज के संबंध में तत्काल वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद विभागीय टीम ने पंचनामा तैयार कर क्रेशर प्लांट को सील किया और मौके पर मौजूद डंपर तथा पोकलेन मशीनों को जब्त कर मुंशी की सुपुर्दगी में दिया।
दो साल से चल रहे कारोबार पर उठे सवाल
बहेरा में रेलवे परियोजना के बोल्डर भंडारण की आड़ में कथित तौर पर लंबे समय से क्रेशर संचालन और खनिज व्यापार किए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि स्वीकृत मात्रा से अधिक खनिज का भंडारण किया जा रहा था तो संबंधित विभागों की नजर इतने लंबे समय तक इस पर क्यों नहीं पड़ी।
खनिज के स्रोत और रॉयल्टी भुगतान की जांच
खनिज विभाग अब भंडारित सामग्री के स्रोत और उसके एवज में जमा रॉयल्टी की भी जांच कर रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार रेलवे परियोजना में ब्लास्टिंग के दौरान प्राप्त पत्थर और बोल्डर को त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा बहेरा डंप पर लाकर भंडारित किया गया था।
विभाग को आशंका है कि वैध दस्तावेजों के अभाव में निर्धारित मात्रा से अतिरिक्त खनिज का भंडारण किया गया और क्रेशर मशीन के जरिए गिट्टी तथा एम-सैंड तैयार कर उसका विक्रय किया जा रहा था। जांच में खनिज के संभावित अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया गया है।
एएस माइनिंग फर्म को सात दिन में दस्तावेज देने का नोटिस
खनिज विभाग ने एएस माइनिंग ट्रांसपोर्टेशन के पार्टनर मनोज राय, निवासी लोटस सिटी, सतना को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस के अनुसार, 8 अगस्त को खनिज विभाग की टीम ने ग्राम बहेरा, तहसील पन्ना स्थित रेलवे परियोजना के भंडारण स्थल का निरीक्षण किया था। इस दौरान भंडारित खनिज की मात्रा, उपलब्ध मशीनरी, क्रेशिंग व्यवस्था, भंडारण स्थल का क्षेत्रफल, खनिज का अनुमानित आयतन और संबंधित अनुमति-अनुज्ञा तथा पोर्टल पर उपलब्ध अभिलेखों की जांच की गई। मौके की स्थिति के दस्तावेजीकरण के लिए जियो-टैग्ड फोटो भी लिए गए।
विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, मौके पर करीब 12 लाख घनमीटर गिट्टी एग्रीगेट, 9 लाख घनमीटर प्राकृतिक बोल्डर और 4 लाख घनमीटर एम-सैंड पाया गया। विभागीय नोटिस में कहा गया है कि स्वीकृत भंडारण एवं जमा रॉयल्टी की तुलना में मौके पर अधिक खनिज सामग्री मिली है, जिसके संबंध में मौके पर मौजूद मुंशी अमित कुमार द्वारा तत्काल वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
नोटिस में ग्राम बहेरा की अनुमति, भंडारण अनुमति, परिवहन अनुज्ञा, ई-टीपी, रॉयल्टी भुगतान का विवरण, स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के बिल और खनिज के स्रोत से संबंधित दस्तावेज सहित अन्य अभिलेख सात दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
7.85 लाख घनमीटर की रॉयल्टी जमा होने का उल्लेख
खनिज विभाग के नोटिस में ई-खनिज पोर्टल की प्रारंभिक जानकारी के आधार पर बताया गया है कि त्रिशूल कंस्ट्रक्शन के नाम से करीब 7.85 लाख घनमीटर खनिज मात्रा से संबंधित रॉयल्टी जमा होना परिलक्षित है। वहीं करीब 2.15 लाख घनमीटर मात्रा की रॉयल्टी 8 अगस्त तक जमा नहीं होने की जानकारी दी गई है।
विभागीय जांच में यह भी देखा जा रहा है कि शेष खनिज सामग्री का स्रोत क्या है और उसका भंडारण तथा परिवहन किन दस्तावेजों के आधार पर किया गया। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित फर्म के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्वीकृत मात्रा से अधिक भंडारण मिला : उप संचालक
पन्ना खनिज विभाग के उप संचालक रवि कुमार पटेल ने बताया कि बहेरा डंप पर स्वीकृत मात्रा से अधिक खनिज भंडारण की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां निर्धारित मात्रा से अधिक खनिज सामग्री पाई गई। संबंधित फर्म को नोटिस जारी किया गया है। क्रेशर प्लांट सील करने के साथ वाहनों और मशीनों को जब्त किया गया है। मामले में आगे भी विस्तृत जांच की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश पांडे

