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लोक सेवा आयोग में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रोफेसर ने ऐंठे साढ़े सात लाख

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लोक सेवा आयोग में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रोफेसर ने ऐंठे साढ़े सात लाख


अमेठी, 24 अगस्त (हि.स.)। लोक सेवा आयोग प्रयागराज में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक कॉलेज प्रोफेसर पर दिव्यांग युवक से साढ़े सात लाख रुपये हड़पने का आरोप लगा है। आरोप है कि रकम लेने के बाद प्रोफेसर ने न तो युवक को नौकरी दिलाई और न ही उसकी रकम वापस की। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित प्रोफेसर के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कोतवाली अमेठी क्षेत्र के तेलियानी लोनियापुर निवासी राम बहाल शर्मा दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने आरआरपीजी कॉलेज अमेठी से परास्नातक की पढ़ाई की है। पढ़ाई के दौरान कॉलेज के प्रोफेसर राधेश्याम सरोज निवासी ननौती, प्रतापगढ़ से उनके अच्छे संबंध हो गए थे।

पीड़ित के मुताबिक, वर्ष 2021-22 में प्रोफेसर ने लोक सेवा आयोग प्रयागराज में नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे साढ़े सात लाख रुपये मांगे। रकम की व्यवस्था के लिए उनके पिता ने 3.50 लाख रुपये केसीसी के माध्यम से तथा चार लाख रुपये ब्याज पर जमीन का एग्रीमेंट कर जुटाए। इसके बाद पूरी रकम प्रोफेसर के खाते में भेजी गई। काफी समय बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली तो राम बहादुर ने अपनी रकम वापस मांगी।

आरोप है कि प्रोफेसर ने उन्हें एक चेक दिया, लेकिन बैंक में जमा करने पर वह बाउंस हो गया। पीड़ित का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर प्रोफेसर ने गाली-गलौज की और एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि कर्ज लेकर दी गई रकम पर ब्याज बढ़ते-बढ़ते देनदारी 13 लाख रुपये से अधिक हो गई है। इससे वह मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है। उसने पुलिस से रकम वापस दिलाने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

कोतवाली प्रभारी शिवाकांत त्रिपाठी ने सोमवार को बताया कि आरोपित प्रोफेसर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जाँचोपरान्त इस मामले में आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश त्रिपाठी