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अम्बिकापुर में गाली देने से मना करने पर डांस टीचर के भाई पर चाकू से जानलेवा हमला, हालत गंभीर

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अम्बिकापुर में गाली देने से मना करने पर डांस टीचर के भाई पर चाकू से जानलेवा हमला, हालत गंभीर


अम्बिकापुर में गाली देने से मना करने पर डांस टीचर के भाई पर चाकू से जानलेवा हमला, हालत गंभीर


अम्बिकापुर, 15 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर शहर में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब मामूली बातों पर भी खून बहाया जा रहा है। ताजा मामला मंगलवार की रात शहर के व्यस्त बस स्टैंड इलाके से सामने आया है, जहां गाली-गलौज करने से मना करने पर एक नशेड़ी नाबालिग ने युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में युवक का गला और चेहरा बुरी तरह कट गया है, जिसे गंभीर हालत में इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घायल युवक की पहचान बौरीपारा राजेश गली निवासी सागर सोनी (24 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कि स्थानीय डांस टीचर दीपक सोनी का छोटा भाई है। घटना के वक्त सागर बस स्टैंड पर अपने मोबाइल फोन पर कंपनी के अधिकारी से बात कर रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद एक नाबालिग शराब के नशे में धुत होकर जोर-जोर से अभद्र गालियां दे रहा था। जब सागर ने उसे सार्वजनिक स्थान पर शालीनता बरतने और गाली-गलौज न करने की हिदायत दी, तो आरोपी नाबालिग तैश में आ गया। उसने बिना कुछ सोचे-समझे जेब से चाकू निकाला और सागर के गले व चेहरे पर वार कर दिया।

गनीमत रही कि घटना के वक्त सागर के दोस्त करन और अजीज भी वहीं मौजूद थे। जब उन्होंने नाबालिग को दोबारा चाकू से वार करते देखा, तो तुरंत बीच-बचाव कर सागर की जान बचाई। हमले के बाद सागर के शरीर से काफी मात्रा में खून बह चुका था, जिसे देखते हुए दोस्तों ने तत्परता दिखाई और उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद परिजनों को घटना की सूचना दी गई। डॉक्टरों के मुताबिक अत्यधिक खून बह जाने के कारण युवक की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पुलिस प्रशासन भी तुरंत एक्शन मोड में आ गया। घायल के भाई दीपक सोनी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नाबालिग को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (1) के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। बुधवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उसे बाल संप्रेक्षण गृह (जुवेनाइल होम) भेज दिया गया है। शहर के बीचों-बीच हुई इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और नाबालिगों में बढ़ते अपराध के ग्राफ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह