दस साल से शोषण का आरोप, महिला ने डीएम-एसपी से लगाई न्याय की गुहार
बाराबंकी, 15 सितंबर (हि.स.)। रामनगर नगर पंचायत अध्यक्ष रामशरण पाठक पर कस्बे की एक महिला ने करीब दस वर्षों तक मानसिक और शारीरिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच कर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई तथा अपने और बच्चों की सुरक्षा की मांग की है।
शिकायत में महिला ने नगर पंचायत अध्यक्ष के साथ उनके चार पुत्रों पर भी आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि उसे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय से प्रताड़ित किया जाता रहा। विरोध करने पर मारपीट करने और मोबाइल फोन छीन लेने का भी आरोप लगाया गया है।
महिला के मुताबिक, नगर पंचायत अध्यक्ष ने उसे नौकरी दिलाई थी। बाद में कथित उत्पीड़न से परेशान होकर उसने नौकरी छोड़ दी। आरोप है कि इसके बाद भी उसकी मुश्किलें कम नहीं हुईं। महिला का दावा है कि नगर पंचायत की ओर से उसके मकान को अवैध बताते हुए उसे गिराने के लिए बुलडोजर संबंधी नोटिस दिया गया है। इससे वह और उसका परिवार भय के माहौल में रहने को मजबूर है।
महिला ने बताया कि उसने पहले भी महिला हेल्पलाइन 1090 और आपातकालीन सेवा 112 पर शिकायत की थी। उसका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद उसे अपेक्षित राहत नहीं मिली। अब उसने रामनगर पुलिस से प्राथमिकी दर्ज कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
महिला का कहना है कि वह लंबे समय से कथित उत्पीड़न झेल रही है। उसके बच्चे भी अब बड़े हो चुके हैं और उसे अपने साथ-साथ उनकी सुरक्षा की चिंता सता रही है।
चेयरमैन ने आरोपों को बताया निराधार
नगर पंचायत अध्यक्ष रामशरण पाठक ने महिला द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने इसे विरोधियों की साजिश बताते हुए कहा कि राजनीतिक कारणों से उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सभी आरोपों को मनगढ़ंत और निराधार बताया। वहीं कोतवाल अरुण कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर मिली है और जांच की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी

