home page

पूर्व सरपंच पति की सोतन सहित चार जनों की हत्या की आरोपी पत्नी व पुत्री को दो दिन का रिमांड, नाबालिग पुत्र को किया निरुद्ध

 | 
पूर्व सरपंच पति की सोतन सहित चार जनों की हत्या की आरोपी पत्नी व पुत्री को दो दिन का रिमांड, नाबालिग पुत्र को किया निरुद्ध


अजमेर, 29 मई(हि.स.)। बोराड़ा थाना क्षेत्र में पूर्व सरपंच सहित चार लोगों की हत्या कर शवों को कार में जलाने के सनसनीखेज मामले में पुलिस जांच में अनेक नए खुलासे हुए हैं। समूचा मामला सुनियोजित हत्याकांड का सामने आ रहा है जिसकी पटकथा कई महीनों से लिखी जा रही थी।पुलिस जांच में आरोपियों के कबूलनामें के बाद पुलिस ने मृतक पूर्व सरपंच शिवसिंह चौधरी की पहली पत्नी सुनीता चौधरी एवं पुत्री सरिता उर्फ एकता चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है वहीं नाबालिग पुत्र को निरुद्ध किया गया है।पुलिस ने शुक्रवार को आरोपियों को सरवाड़ न्यायालय में पेश किया जहां से पुलिस ने पत्नी और पुत्री को दो दिन के रिमांड पर पुलिस अभिरक्षा में वापस सौंप दिया जबकि मृतक पूर्व सरपंच के नाबालिग पुत्र को निरुद्ध किया गया।

पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के अनुसार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने से पहले स्वास्थ्य परीक्षण कराने ले जाया गया जहां दोनों ही आरोपियों को चक्कर आ गए। उन्हें ग्लूकोज ड्रिप लगाई गई उसके बाद न्यायालय में पेश किया गया। उधर रामसिंह चौधरी का पूरा परिवार समाप्त होने पर घर सुनसान पड़ा है। घटना के बाद करीबी रिश्तेदारों ने भी दूरी बना ली। पूर्व से चल रहे विवादों के चलते रिश्तों में पहले से अनबन बताई जा रही थी। देर रात दूर के रिश्तेदरों ने राम सिंह चौधरी, उसकी मां पूसी देवी और दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी का अंतिम संस्कार किया वहीं रिश्ते में बहन लगने वाली महिला चौधरी का शव उसके परिजन पोस्टमार्टम के बाद सनोंद गांव ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया। घर से बाहर पुलिस का पहरा रहा।

मृतक फेसबुक पर मांगता रहा सुरक्षा......

बताया जाता है कि मृतक रामसिंह चौधरी को अपनी जानमान का खतरा था इस नाते वह फेसबुक पर हत्या के कुछ घंटे पहले लगातार पोस्ट कर रहा था और जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग कर रहा था।

सोतन सुरज्ञान चौधरी को जिंदा ही जलाया....

सूत्रों के अनुसार जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने हत्या की साजिश कई माह पहले से ही बनाने शुरू की थी। इसके लिए ऑनलाइन चाकू भी मंगवाया। पूरी कहानी बनाने के लिए तकनीक का सहारा भी लिया। मृतक को मारने से पहले उसे नशा कराया गया। फिर कृषि के औजारों से ही रात को सोते हुए उनकी हत्या की गई। हत्या कर लाशों को ठिकाने लगाने के लिए वाहन की डिक्की काम में ली। वहीं पहले सारे सबूत मिटाने की कोशिश की। वारदात करते हुए सोतन सुरज्ञान जख्मी हो कर मूर्छित हो गई थी जिसे आरोपियों ने मृत ही समझ लिया। उसे स्कार्पियो वाहन में अगली सीट पर लेटाया जबकि पूर्व सरपंच रामसिंह, पूसी देवी और महिमा चौधरी के शवों को डिक्की में एक के उपर एक पटक लिया। वाहन को जलाने के लिए ट्रेक्टर से डीजल निकाला और फार्म हाउस से 500 मीटर दूर ले जाकर हत्याकांड को हादसे का रूप देने के लिए वाहन का आग लगा दी।

आरोपियों के मौके से भागने के बाद वहां से गुजर रहे एक ट्रक चालक ने वाहन को जलते हुए देखा तो उसने नजदीक जाकर जानकारी जुटाई। बताते है कि उसे जलते वाहने से महिला ने हाथ उठाकर मदद मांगी। जिस पर उस ट्रक चालक ने महिला को अपनी जान पर खेल कर बाहर निकाला। वह अन्य लोगों की तलाश में गया तो पता चला कि तीन लाशें डिक्की में पड़ी है। वाहन चालक माजरा समझ गया और नजदीक ही टोल कर्मियों और ग्रामीणों को सूचित कर जख्मी सुरज्ञान चौधरी को बचाने के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की किन्तु वह कामयाब नहीं हो सका उसने भी दमतोड़ दिया। उधर, सुनियोजित हत्याकांड को अंजाम देकर आरोपी मां बेटी घर पहुंच कर अनजान बनने का नाटक करते रहे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपी सुनीता चौधरी ने पुलिस को बताया कि वारदात वाली रात भी घर में विवाद हुआ था। उसके बाद नाबालिग बेटे और बेटी ने मिलकर खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। बेटा और बेटी पिता के द्वारा आए दिन शराब पीकर सोतन के सामने उसको प्रताड़ित करने से आक्रोशित थे और नफरत करने लगे थे। पुलिस अनुसंधान जारी है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष