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लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाला आरोपित गिरफ्तार

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लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाला आरोपित गिरफ्तार


-कोरबा पुलिस ने बरामद किए 27 हजार रुपये

कोरबा, 25 जून (हि. स.)। कोरबा साइबर पुलिस ने सजग कोरबा – सतर्क कोरबा अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक लोन दिलाने के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से ठगी की राशि में से 27,070 रुपये नगद बरामद कर जब्त किए हैं। आरोपित पुष्पेन्द्र कुमार मेहर को आज न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। साथ ही आरोपित की अन्य साइबर अपराधों में संभावित संलिप्तता को लेकर विस्तृत जांच जारी है।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में साइबर थाना कोरबा की टीम ने यह कार्रवाई की। साइबर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 04/2026 की जांच के दौरान सामने आया कि आरोपित लोगों को कम ब्याज और आसान किस्तों पर बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर उनसे ऑनलाइन माध्यम से रकम ट्रांसफर कराता था।

जांच में पता चला कि आरोपित पुष्पेन्द्र कुमार मेहर (25 वर्ष), निवासी ग्राम सेमरा, जिला सक्ती, वर्तमान में रिस्दी, बालको में रह रहा था। आरोपित विभिन्न लोगों को अपने प्रभाव में लेकर उनके नाम पर सिम कार्ड हासिल करता था और उन्हीं सिम कार्डों का इस्तेमाल साइबर अपराधों में करता था। ठगी की वारदात को अंजाम देने के बाद वह सबूत मिटाने के लिए संबंधित सिम कार्ड नष्ट कर देता था।

पुलिस पूछताछ में आरोपित ने स्वीकार किया कि उसने वर्ष 2023 में भी एक व्यक्ति को लोन दिलाने का झांसा देकर 40 हजार रुपये की धोखाधड़ी की थी। हाल ही में 22 जून 2026 को उसने रूमगढ़ा चौक क्षेत्र की व्यवसायी महिला नोनी बाई यादव को मात्र 11 हजार रुपये मासिक किश्त पर 5 लाख रुपये का लोन दिलाने का प्रलोभन दिया। आरोपित ने महिला के मोबाइल में मौजूद डिजिटल भुगतान एप का उपयोग कर 40,500 रुपये की राशि एक अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर करवा दी।

पुलिस के अनुसार आरोपित ने पहले से ही उस खाताधारक को भी लोन दिलाने का झांसा देकर उसका क्यूआर कोड हासिल कर रखा था। रकम ट्रांसफर होने के बाद आरोपित खाताधारक के साथ बैंक पहुंचा और खाते से नकद राशि निकलवाकर अपने कब्जे में ले ली। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित के पास से 27,070 रुपये बरामद किए।

इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक ललित कुमार चंद्रा, उप निरीक्षक अजय सोनवानी, प्रधान आरक्षक गुनाराम सिन्हा, आरक्षक डेमन ओगरे, वीरकेश्वर प्रताप सिंह, आलोक टोप्पो, सुशील यादव, श्याम सिदार, संजू सिंह तथा महिला आरक्षक रेणु टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर लोन, निवेश योजना या ऑनलाइन ऑफर के नाम पर राशि ट्रांसफर न करें। किसी भी डिजिटल लेनदेन से पहले संबंधित व्यक्ति और संस्था की सत्यता की जांच अवश्य करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी