बलरामपुर : मवेशी तस्करी के मामले में फरार मुख्य आरोपित झारखंड से गिरफ्तार, सरगुजा के रास्ते मवेशियों को ले जाने का था आरोप
बलरामपुर, 01 अगस्त (हि.स.)।बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरीपाठ थाना पुलिस ने मवेशी तस्करी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपित को आज गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबाव बना रही थी। आखिरकार 30 जुलाई 2026 को आरोपित ने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 4 जून 2026 को ग्राम जोगीबांध निवासी नगेेश्वर यादव ने सामरीपाठ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उसी दिन शाम करीब 5:30 बजे डुमरपाठ (बरगद पेड़) के आसपास तीन व्यक्ति 9 रास कृषक पशु, जिसमें गाय, बैल और बछड़ा शामिल थे, को कथित रूप से क्रूरतापूर्वक मारते-पीटते हुए भगाकर झारखंड की ओर ले जा रहे थे।
इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें देखा और मामले की जानकारी आसपास के लोगों को दी। ग्रामीणों द्वारा मौके पर पहुंचकर दो लोगों को पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम संजय सोनवानी और संजय कोरवा बताया। दोनों ने बताया कि वे अंबाटोली थाना सामरीपाठ क्षेत्र के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने मवेशियों को झारखंड ले जाने की बात बताई और मुख्य आरोपित के रूप में सद्दाम हुसैन का नाम सामने आया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपित सद्दाम मियां निवासी ओरसापाठ, थाना महुआडांड़, जिला लातेहार, झारखंड सहित संजय सोनवानी और संजय कोरवा के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने संजय सोनवानी और संजय कोरवा से घटना के संबंध में पूछताछ की। दोनों आरोपितों द्वारा मवेशियों को झारखंड ले जाने की बात बताए जाने के बाद पुलिस ने उन्हें 5 जून 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था।
वहीं, मामले का मुख्य आरोपित सद्दाम हुसैन घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबाव बनाया। पुलिस के अनुसार, लगातार गिरफ्तारी के दबाव के बाद आरोपित ने आज न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने के बाद सामरीपाठ पुलिस ने सद्दाम हुसैन को विधिवत गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। इस तरह मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी भी हो गई है।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क) के तहत कार्रवाई की गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

