बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते लेखा सहायक ट्रैप
जयपुर, 21 जून (हि.स.)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई करते हुए पाली जिले के रोहट स्थित ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (बीसीएमओ) कार्यालय में कार्यरत लेखा सहायक (संविदाकर्मी) को बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। वहीं इस मामले में बीसीएमओ की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसके बाद उनके आवास पर तलाशी ली गई, लेकिन कार्रवाई की भनक लगने पर वे फरार हो गए। एसीबी उनकी तलाश में जुटी हुई है।
एसीबी डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया कि रविवार को एसीबी पाली द्वितीय टीम ने यह कार्रवाई की। जहां एसीबी चौकी पाली द्वितीय को शिकायत मिली थी कि परिवादी की ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय रोहट में टेंडर के माध्यम से लगी वाहन सेवा को लगातार संचालित रखने तथा अप्रैल से जून माह तक के लंबित बिलों को पास करवाने की एवज में कार्यालय के लेखा सहायक (संविदाकर्मी) देवकीनन्दन शर्मा बीस हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी पाली द्वितीय के प्रभारी (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक) देरावर सिंह एवं उनकी टीम ने ट्रैप की योजना बनाई और रविवार को कार्रवाई करते हुए लेखा सहायक (संविदाकर्मी) देवकीनन्दन शर्मा को परिवादी से बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
एसीबी के अनुसार आरोपित लेखा सहायक (संविदाकर्मी) ने रिश्वत की राशि प्राप्त करने के बाद उसे ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की नई इमारत की प्रथम मंजिल पर रखी एक लकड़ी की दराज में छिपा दिया था। एसीबी टीम ने मौके पर पहुंचकर उक्त राशि बरामद कर ली।
वहीं जांच के दौरान बीसीएमओ डॉ. हार्दिक राजपुरोहित की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। इस पर एसीबी जोधपुर शहर इकाई के प्रभारी किशन सिंह (उप अधीक्षक पुलिस) के नेतृत्व में उनके आवास पर तलाशी ली गई। हालांकि कार्रवाई की जानकारी मिलने पर डॉ. राजपुरोहित फरार हो गए। एसीबी ने उनकी तलाश शुरू कर दी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

