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आनासागर में अवैध मत्स्याखेट पर सख्त कार्रवाई, 6 नावें, 40 करंट जाल व 400 किलो मछली जप्त

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आनासागर में अवैध मत्स्याखेट पर सख्त कार्रवाई, 6 नावें, 40 करंट जाल व 400 किलो मछली जप्त


आनासागर में अवैध मत्स्याखेट पर सख्त कार्रवाई, 6 नावें, 40 करंट जाल व 400 किलो मछली जप्त


अजमेर, 22 फरवरी (हि.स.)। जिला मत्स्य विभाग अजमेर द्वारा झीलों में अवैध मत्स्याखेट की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत शनिवार देर रात आनासागर झील पर औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान 6 नावें, 12 चप्पू, लगभग 40 फसला करंट जाल तथा करीब 400 किलो मछली जब्त की गई।

सहायक निदेशक मत्स्य मदन सिंह ने बताया कि विभाग को आनासागर में अवैध मत्स्याखेट की गतिविधियों की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। इसके मद्देनजर शनिवार रात्रि लगभग 11 बजे निरीक्षण दल ने फॉयसागर पुलिस चौकी के सामने वाली गली से होते हुए चौपाटी क्षेत्र में दबिश दी। मौके पर चौपाटी के समीप 6 नावें और 12 चप्पू लावारिस अवस्था में मिले, जिससे अवैध मत्स्याखेट की आशंका प्रबल हुई। हालांकि मौके पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। उन्होंने बताया कि तत्काल कार्रवाई करते हुए जब्त नावों एवं चप्पुओं को रात्रि में ही पिकअप वाहन से मत्स्य कार्यालय पहुंचाया गया। पूरी रात क्षेत्र में निगरानी और चैकिंग जारी रखी गई, लेकिन सुबह तक कोई भी व्यक्ति जाल निकालने के लिए नहीं पहुंचा।

रविवार सुबह 9 बजे नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराई गई दो नावों और आठ मजदूरों की सहायता से झील में डाले गए करीब 40 फसला करंट जाल निकाले गए। जालों में फंसी लगभग 400 किलो मछलियों को बाहर निकालकर निर्धारित स्थान पर एकत्र किया गया और जाल से अलग किया गया। सभी जाल और मछलियों को मत्स्य अधिनियम के तहत विधिवत जब्त कर मत्स्य कार्यालय में जमा कर इन्द्राज किया गया। जब्त मछलियों को पिकअप वाहन से अजमेर मछली मंडी लाकर सार्वजनिक नीलामी कराई गई, जिससे करीब 30 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

सहायक निदेशक ने कहा कि जिले में अवैध मत्स्याखेट पर पूर्ण रोक लगाने के लिए नियमित निगरानी और सघन अभियान जारी रहेगा। अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ मत्स्य नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि झीलों में अवैध मत्स्याखेट की सूचना तत्काल विभाग को दें, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष