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शेयर मार्केट में ट्रेडिंग का झांसा देकर रिटायर्ड व्यक्ति से 30 लाख की ठगी

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शेयर मार्केट में ट्रेडिंग का झांसा देकर रिटायर्ड व्यक्ति से 30 लाख की ठगी


गाजियाबाद, 08 मई (हि.स.)। साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर सेवानिवृत्त एक व्यक्ति से 30 लाख रुपये की ठगी कर ली। साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज जांच शुरू कर दी है।

अपर पुलिस उपायुक्त क्राइम पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन स्थित ओरा कायमेरा सोसाइटी में रहने वाले हरिविलास सिंह ने साइबर क्राइम थाने में शुक्रवार को शिकायत देकर बताया कि पहले से उनके डीमैट अकाउंट में कुछ शेयर थे। शेयर बाजार में हो रहे नुकसान को लेकर वह इंटरनेट पर जानकारी खोजते रहते थे। इसी दौरान उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया गया।

ग्रुप के एडमिन खुद को निवेश सलाहकार बताते थे। आरोपियों ने अपने नाम शुभंकर शर्मा व कौस्तुभ टैंकसाले बताए और मोबाइल नंबर भी साझा किए। ग्रुप में शेयर खरीदने और बेचने की सलाह दी जाती थी। शुरुआत में बताए गए शेयरों में उन्हे मुनाफा भी हुआ, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया। कुछ समय बाद उन्हें दूसरे व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। यहां उन्हें बताया गया कि एक ऐप पर अकाउंट बनाकर ब्लॉक डील के जरिए छूट राशि पर शेयर खरीदे जा सकते हैं और बाद में उन्हें बाजार भाव पर बेचकर भारी मुनाफा कमाया जा सकता है। हरिविलास सिंह का आरोप है कि ठगों ने ऑनलाइन हस्ताक्षर कराकर उनके ऐप पर अकाउंट खुलवाया और फिर ग्राहक सेवा चैट के माध्यम से अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करानी शुरू कर दी। उन्होंने जनवरी से मार्च 2026 के बीच कई किस्त में करीब 30 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए।

साइबर ठग लगातार अधिक निवेश करने पर ज्यादा लाभ का दावा करते रहे। पीड़ित का कहना है कि ऐप पर उनके अकाउंट में बढ़ी रकम और मुनाफा दिखाया जा रहा था, लेकिन जब उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया तो निकासी रोक दी गई। बाद में उनका बैलेंस फ्रीज कर दिया गया और आरोपियों ने जवाब देना भी बंद कर दिया तो उन्हें अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने में लिखित प्रार्थना पत्र दिया। एडीसीपी का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मोबाइल नंबर और बैंक खातों के आधार पर जालसाजों को चिन्हित करने का प्रयास किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी