home page

नकली नोट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपित गिरफ्तार

 | 
नकली नोट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपित गिरफ्तार


गोरखपुर, 25 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में थाना गुलरिहा पुलिस ने सोमवार को नकली नोट तैयार करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए नकली नोट, कंप्यूटर-प्रिंटर सेट, केमिकल और भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की है। पूरे मामले का खुलासा पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एसपी सिटी निमिष पाटिल ने किया। इस दौरान सहायक पुलिस अधीक्षक दिनेश गोदारा एवं क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ रवि सिंह भी मौजूद रहे।

एसपी सिटी ने बताया कि 25 मई की रात थाना गुलरिहा पुलिस टीम नियमित गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि पादरी बाजार स्थित सरस्वतीपुरम कॉलोनी की एक शटरनुमा दुकान में कुछ लोग अवैध रूप से नकली नोट तैयार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ मौके पर दबिश दी और चारों तरफ से घेराबंदी कर पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अन्य फरार संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान पादरी बाजार निवासी करन सिंह, मोहित कुमार, विशाल शर्मा, आशीष शर्मा, और आकाश सिंह के रूप में हुई है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह में एक अधिवक्ता तथा एक प्रिंटिंग प्रेस में कार्यरत व्यक्ति भी शामिल था, जो नोट की डिजाइनिंग, प्रिंटिंग और तकनीकी प्रक्रिया में सहयोग करता था।

एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि यह गिरोह ‘काले नोट’ की आड़ में लोगों को ठगने का काम करता था। आरोपित काले रंग के विशेष कागज को नोट के आकार में काटकर उस पर केमिकल प्रक्रिया लागू करते थे, जिससे वह असली नोट जैसा दिखाई देता था। इसके बाद प्रिंटर और पहले से तैयार फॉर्मा की मदद से उस पर प्रिंटिंग कर नकली नोट तैयार किए जाते थे। गिरोह लोगों को लालच देता था कि कम समय में उनकी रकम कई गुना बढ़ाई जा सकती है। एक असली नोट के बदले चार नकली नोट देने का झांसा देकर लोगों से मोटी रकम ऐंठी जाती थी।

बरामदगी के दौरान पुलिस ने 500 रुपये के 9 नकली नोट, 100 रुपये का 1 नकली नोट, 5 मोबाइल फोन (जिसमें एक एप्पल मोबाइल भी शामिल है), एक कंप्यूटर सेट, 2 प्रिंटर, 4 इंक के डिब्बे, ए-4 साइज पेपर का बंडल, 500 रुपये के नोट के आगे-पीछे के फॉर्मा, गांधीजी की फोटो वाले प्रिंट, विभिन्न प्रकार के नकली नोटों के प्रिंटेड फॉर्मा, नोट में इस्तेमाल होने वाले तार तथा बड़ी मात्रा में काले रंग के नोट आकार के कागज बरामद किए हैं। बरामद सामग्री से स्पष्ट है कि गिरोह संगठित तरीके से नकली नोट बनाने की फैक्ट्री संचालित कर रहा था।

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के तार बिहार के मोकामा से जुड़े हैं। वहां से इस नेटवर्क को तकनीकी सहायता और संचालन में सहयोग मिल रहा था। पुलिस अब इस अंतरजनपदीय नेटवर्क की गहन जांच कर रही है तथा अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय