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फर्जी आईएएस के ठिकानों से भारत सरकार लिखी कार, फर्जी मोमेंटो और महंगे शौक के सबूत बरामद

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फर्जी आईएएस के ठिकानों से भारत सरकार लिखी कार, फर्जी मोमेंटो और महंगे शौक के सबूत बरामद


अशोकनगर, 27 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में पर्यटन विभाग की अतिरिक्त निदेशक और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की अधिकारी बनकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले कथित फर्जी आईएएस गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने आरोपितों के भोपाल स्थित ठिकानों पर दबिश देकर ठगी से जुड़े दस्तावेज, फर्जी मोमेंटो, महंगे सामान की रसीदें और वारदात में इस्तेमाल की गई भारत सरकार लिखी वीआईपी कार बरामद की है।

पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार के निर्देशन और चंदेरी एसडीओपी महेश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। अदालत से मिले तीन दिन के पुलिस रिमांड के दौरान चंदेरी पुलिस आरोपितों को लेकर भोपाल पहुंची और उनके बताए स्थानों पर तलाशी ली।

सरकारी नौकरी का झांसा देकर 9.80 लाख रुपये लिए

पुलिस के अनुसार मामला 7 अप्रैल 2025 का है। आरोपित तृप्ति सिंह राजपूत अपने भाई सुधांशु सिंह, तनुज वैश्य और अंजली सिंह के साथ चंदेरी की किला कोठी में ठहरी थी। आरोप है कि तृप्ति ने खुद को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बताकर पसियापुरा निवासी जयकुमार कोली, विजय कुमार दुबे, ऋतिक शर्मा और राघव सोनी को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।

आरोपितों ने मंत्रालय में स्थायी नौकरी और आकर्षक वेतन का झांसा देकर प्रत्येक युवक से तीन लाख रुपये की मांग की। पीड़ितों ने कथित तौर पर किला कोठी में ही 9 लाख 80 हजार रुपये नकद और अपने शैक्षणिक दस्तावेज सौंप दिए। बाद में ठगी का पता चलने पर चंदेरी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

भोपाल में तलाशी के दौरान सामने आया महंगे शौक का सामान

पुलिस रिमांड के दौरान आरोपितों के भोपाल स्थित ठिकानों की तलाशी में कई महत्वपूर्ण सामग्री मिली। बागमुगलिया के संत आसाराम नगर स्थित मकान से पीड़ितों के मूल शैक्षणिक दस्तावेज, महंगे आईफोन की खरीद की रसीदें, पांच सितारा होटलों के बिल और हवाई यात्रा से संबंधित टिकट बरामद किए गए।

इसी तरह अल्कापुरी स्थित ससुराल से कथित फर्जी आईएएस प्रशिक्षु अधिकारी की पहचान से जुड़े दस्तावेज, प्रशासनिक ट्रॉफियां और मोमेंटो मिले हैं। पुलिस इन सभी सामग्री को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर जांच कर रही है।

ड्राइवर गिरफ्तार, भारत सरकार लिखी कार जब्त

पुलिस ने मामले में आरोपितों के ड्राइवर भूपेंद्र बैरागी, निवासी अयोध्या नगर भोपाल, को भी गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की गई, जिस पर भारत सरकार की नेम प्लेट लगी हुई थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कार और अन्य सरकारी पहचान से जुड़ी सामग्री का इस्तेमाल आरोपित किस तरह लोगों पर प्रभाव डालने के लिए करते थे।

दो फरार आरोपितों की तलाश जारी

मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2) और 61(2) का इजाफा किया है। गिरफ्तार आरोपितों को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार मामले में शामिल तनुज वैश्य और अंजली सिंह अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार