6.80 करोड़ का ‘बॉस स्कैम मामला : पंजाब की फर्म के डायरेक्टर समेत दो और गिरफ्तार
जयपुर, 03 सितंबर (हि.स.)। 6.80 करोड़ रुपए के ‘बॉस स्कैम’ मामले में राजस्थान पुलिस के केंद्रीय साइबर क्राइम थाना ने कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भटिंडा, पंजाब निवासी फर्म निदेशक संदीप कुमार और भावनगर, गुजरात निवासी बैंक खाताधारक बरैया राम को गिरफ्तार कर जयपुर लाया गया है। मामले में अब तक कुल 6 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से 2 करोड़ रुपए प्रथम लाभार्थी फर्म के खाते में जमा हुए थे। इसके निदेशक संदीप कुमार ने कमीशन के लालच में घटना से करीब 15 दिन पहले कॉरपोरेट बैंक खाता खुलवाया और साइबर अपराधियों को चेकबुक, एटीएम, आधार-पैन और खाते से जुड़ी सिम उपलब्ध करा दी।
साइबर अपराधियों ने कंपनी के निदेशक का नाम-फोटो इस्तेमाल कर अकाउंट्स हेड को व्हाट्सऐप पर भुगतान के निर्देश दिए। परिवादी के कंप्यूटर तक पहुंच बनाकर व्हाट्सऐप वेब में असली नंबर को ब्लॉक कर उसी नाम व फोटो से अपना नंबर सेव किया गया। पूर्व बातचीत की नकल कर विश्वास में लेने के बाद कंपनी के खाते से 6.80 करोड़ रुपए तीन बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
जांच में सामने आया कि गिरोह म्यूल बैंक खातों, एटीएम, चेक, यूपीआई, क्यूआर कोड, डिजिटल वॉलेट और यूएसडीटी क्रिप्टो करेंसी के जरिए रकम को कई खातों में घुमाकर आगे भेजता था। टेलीग्राम के जरिए बैंक खाते, एटीएम, सिम और पासबुक की किट उपलब्ध कराई जाती थी।
दूसरे आरोपी बरैया राम ने 10 से 15 हजार रुपए कमीशन के लालच में बैंक खाता, हस्ताक्षरित चेक, एटीएम और पासबुक उपलब्ध कराए। उसके खाते में आई ठगी की रकम में से 3.94 लाख रुपए चेक से निकाले गए।
पुलिस व्हाट्सऐप रिकॉर्ड, सीडीआर, सीएएफ, आईपीडीआर और बैंकिंग लेन-देन की तकनीकी जांच कर रही है। ठगी की रकम आगे जिन खातों में पहुंची, उनकी भी पड़ताल जारी है। डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन और डीएसपी गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

