तीन हजार करोड़ के संदिग्ध ट्रांजैक्शन नेटवर्क का खुलासा, इनामी महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी गिरफ्तार
कानपुर, 07 मई (हि.स.)। चकेरी थाना पुलिस ने फर्जी फर्म बनाकर लोगों को डरा-धमकाकर उनके दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए गिरोह के सरगना और इनामी आरोपित महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में 68 बैंक खातों में करीब तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं। मामले में विभिन्न राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने गुरुवार को बताया कि फरवरी माह में हुई लूट की घटना से इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पीड़ित पक्ष द्वारा तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सर्विलांस और गहन जांच के आधार पर कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान घटना में शामिल पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से करीब ग्यारह लाख रुपये बरामद किए गए।
पूछताछ में सामने आया कि महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी पूरे गिरोह का मुख्य संचालक था। आरोपित भोले-भाले लोगों को लोन और बीमा दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते खुलवाता था और बाद में उन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग करता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह द्वारा फर्जी जीएसटी फर्में पंजीकृत कर बड़े पैमाने पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन किए जा रहे थे।
जांच में पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश तक नेटवर्क के तार जुड़े मिले हैं। पुलिस के मुताबिक एपीएमसी प्रमाणपत्रों के माध्यम से भारी मात्रा में अवैध ट्रांजेक्शन किए गए। इसके साथ ही धनराशि का संबंध स्लॉटर और स्क्रैप कारोबार से भी जुड़ा पाया गया है।
गिरफ्तार आरोपित महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी द्वारा फर्जी फर्म और बैंक खातों के जरिए बड़े स्तर पर संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीएसटी और आयकर विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में संगठित आर्थिक अपराध और हवाला जैसे मामलों के संकेत मिलने के बाद कई एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

