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अहमदाबाद में 15 हजार नकली बीपी की गोलियां खा गए लोग, गिरोह पकड़ा गया; मेडिकल स्टोर से होती थी दवा की सप्लाई

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अहमदाबाद, 27 अगस्त (हि.स.)। नकली ब्लड प्रेशर की दवा बेचने वाले गिरोह का अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और फूड एंड ड्रग्स विभाग ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शहरभर में करीब 1,200 स्ट्रिप नकली दवा जब्त की हैं और मेडिकल स्टोर संचालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि पिछले चार महीनों में करीब 1,500 स्ट्रिप नकली बीपी की दवा शहर के मरीजों को बेची गई। एक स्ट्रिप में 10 गोलियां होती हैं, यानी करीब 15 हजार नकली गोलियां लोगों तक पहुंच चुकी हैं।

क्राइम ब्रांच पुलिस ने बताया की पार्श्व मेडिकल स्टोर के संचालक दर्शिल संघवी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नकली दवा को असली बताकर बेचने का काम किया जा रहा था। एक स्ट्रिप की कीमत 112.90 रुपये रखी गई थी।

जे.पी. केमिकल नामक कंपनी को शिकायत मिली थी कि उसकी ब्लड प्रेशर की दवा के नाम पर नकली दवा बाजार में बेची जा रही है। कंपनी की जानकारी के बाद फूड एंड ड्रग्स विभाग ने जांच शुरू की। जांच के दौरान अलग-अलग स्थानों पर नकली दवा की बिक्री के प्रमाण मिले।

अहमदाबाद में पार्श्व मेडिकल स्टोर समेत 11 मेडिकल स्टोरों में नकली दवा की सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1,200 स्ट्रिप जब्त की हैं।

जांच में सामने आया कि नकली दवा का मूल जखीरा उत्तराखंड से लखनऊ भेजा गया था। वहां से कुल 3,600 स्ट्रिप में से 2,700 स्ट्रिप अहमदाबाद और 900 स्ट्रिप मेहसाणा में सप्लाई की गई थीं। इनमें से अहमदाबाद पुलिस ने 1,200 स्ट्रिप बरामद कर ली हैं, जबकि करीब 1,500 स्ट्रिप बीपी के मरीजों को बेची जा चुकी थीं।

नकली दवा केवल अहमदाबाद तक सीमित नहीं थी। जांच में सूरत, भावनगर, नडियाद और भुज में भी इसकी सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। क्राइम ब्रांच की चार टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि नकली दवा कहां बनाई गई और गुजरात के किन-किन शहरों में इसकी सप्लाई की गई।

पुलिस ने पार्श्व मेडिकल स्टोर के दर्शिल संघवी के अलावा देवेंद्र यादव और उमंग रस्तोगी को भी गिरफ्तार किया है। फूड एंड ड्रग्स विभाग की ओर से नियमित जांच के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में नकली दवा की बिक्री सामने आने के बाद अब पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है।

जांच के मुताबिक पिछले करीब चार महीनों से नकली बीपी की दवा बाजार में बेची जा रही थी। एक स्ट्रिप में 10 गोलियां होने के कारण 1,500 स्ट्रिप के जरिए करीब 15 हजार नकली गोलियां मरीजों तक पहुंचीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने मेडिकल स्टोर और लोग शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे