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कानपुर में निवेश पर दोगुना मुनाफे का झांसा देकर रिटायर्ड मर्चेंट नेवी अधिकारी से 1.25 करोड़ साइबर ठगी, मुकदमा दर्ज

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कानपुर में निवेश पर दोगुना मुनाफे का झांसा देकर रिटायर्ड मर्चेंट नेवी अधिकारी से 1.25 करोड़ साइबर ठगी, मुकदमा दर्ज


कानपुर, 03 अगस्त (हि.स.)। उत्त्तर प्रदेश के जनपद कानपुर में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने कोहना क्षेत्र निवासी रिटायर्ड मर्चेंट नेवी अधिकारी को अपना शिकार बनाया। करीब दो माह तक झांसे में रखकर ठगों ने उनसे एक करोड़ पच्चीस लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब पीड़ित ने अपनी निवेश राशि वापस निकालनी चाही तो ठगों ने और रुपये जमा करने की शर्त रख दी। मामला सामने आने पर कोहना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। साइबर सेल जांच में जुटी है और अब तक चौबीस लाख रुपये फ्रीज कराए जा चुके हैं।

तिलक नगर स्थित सुखधाम अपार्टमेंट निवासी (72) रिटायर्ड मर्चेंट नेवी अधिकारी ने पुलिस को बताया कि फरवरी 2026 में फेसबुक पर उनकी पहचान एक महिला से हुई। महिला ने खुद को बीमार बताते हुए वॉकिंग स्टिक के सहारे चलने का वीडियो भेजा और आर्थिक मदद मांगी। सहानुभूति के चलते उन्होंने कुछ धनराशि उसके खाते में भेज दी। इसके बाद महिला ने निवेश पर भारी मुनाफा मिलने का दावा करते हुए एक वेबसाइट का लिंक साझा किया और ऑनलाइन निवेश करने के लिए प्रेरित किया।

पीड़ित ने बताया कि वेबसाइट से जुड़ने के बाद अलग-अलग लोगों ने उनसे संपर्क किया और लगातार अधिक लाभ का भरोसा दिलाते रहे। उनके झांसे में आकर उन्होंने पंद्रह फरवरी से तेरह अप्रैल के बीच उन्नीस अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए एक करोड़ पच्चीस लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में भेज दिए। कुछ समय बाद वेबसाइट पर उनकी निवेश राशि दो करोड़ पचास लाख रुपये दिखाई जाने लगी। जब उन्होंने रकम निकालने की इच्छा जताई तो ठगों ने प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर पहले दो बार तीस-तीस लाख रुपये और जमा कराए। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। बाद में निकासी के लिए नब्बे लाख रुपये अतिरिक्त जमा करने की मांग की गई।

लगातार रुपये मांगने पर पीड़ित को संदेह हुआ। वह अपने एक मित्र से पांच लाख रुपये उधार लेने पहुंचे तो मित्र ने पूरी जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से शिकायत की, जिसके निर्देश पर कोहना थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने सोमवार को बताया कि साइबर सेल की जांच में पता चला है कि पीड़ित से ठगी गई रकम कई चरणों और कई लेयर के माध्यम से देशभर के दो हजार से अधिक बैंक खातों में भेजी गई। इनमें से छह प्रमुख खाते बेंगलुरु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, फरीदाबाद और साहिबाबाद से जुड़े मिले हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस अब तक चौबीस लाख रुपये फ्रीज करा चुकी है। साइबर अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए संबंधित राज्यों की एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप