साइबर अपराधियों ने बुजुर्ग को 16 दिनों तक किया डिजिटल अरेस्ट, 85 लाख की ठगी
नोएडा, 27 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के नाेएडा में मनी लांड्रिंग के केस में फंसाने की धमकी देकर एक 84 वर्षीय बुजुर्ग को 16 दिनों तक साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर उनसे 85 लाख रुपये की ठगी कर ली। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर साइबर क्राइम पुलिस मामले की जांच कर रही है।
साइबर क्राइम थाने के प्रभारी विजय राणा ने साेमवार काे बताया कि बीती रात को केंद्रीय विहार सेक्टर 51 निवासी धीरेंद्र कुमार ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उन्हें 8 अप्रैल को एक फोन आया। फोन करने वाले ने उनसे कहा कि आपका आधार कार्ड का इस्तेमाल करके 16 जनवरी को एक मोबाइल फोन खरीदा गया है। उस फोन का गलत कामों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस काल पर उसके बाद साइबर सेल वालों ने संदीप दीवान और प्रवीण कुमार नामक दो आदमी से बात करवाई। उन्होंने कहा कि दोनों बेंगलुरु के साइबर क्राइम थाने से बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपके मोबाइल का गलत इस्तेमाल हुआ है। इसलिए उन पर केस किया गया है तथा इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। उन्होंने एक एफआईआर का नंबर भी बताया। उन्होंने कहा कि आप पर मनी मनी लॉन्ड्रिंग और बच्चों की तस्करी में शामिल होने का आरोप है।
उन्होंने बताया कि आरोपिताें ने उन्हें आठ अप्रैल को डिजिटल अरेस्ट कर लिया तथा उनसे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इसकी जांच के लिए सीबीआई अधिकारियों के कमेटी बनाई है। उन्हे धमकाया गया कि उन्हें हथकड़ी लगाई जाएगी। उनके फ्लैट और उनकी रकम जब्त कर ली जाएगी। इसी बीच सीबीआई एसपी प्रवीण कुमार को इस मामले को सौंपा दिया गया है। पीड़ित के अनुसार उन्होंने उन्हें डिजिटल अरेस्ट रखते हुए ऑनलाइन पूछताछ की। उनके अकाउंट की जानकारी ली। पता किया कि किस अकाउंट में कितनी रकम है। पीड़ित के अनुसार उनकी सभी एफडी और सेविंग को एक बैंक में मर्ज करने के लिए कहा गया, तथा उनसे विभिन्न बार में 85 लाख रुपया आरोपिताें ने अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिया।
उनसे कहा गया की जांच के दौरान अगर आप सही पाए जाओगे तो आपकी रकम को वापस कर दिया जाएगा। पीड़ित के अनुसार आखिरी बार कथित सीबीआई के एसपी ने उनसे 22 अप्रैल को बात की। उन्होंने सीबीआई का एक वेरीफिकेशन लेटर दिखाया, जिसमें कहा गया कि वह भी एक सस्पेक्ट है। इसके अलावा उन्होंने हथकड़ी लगाने और प्रॉपर्टी जप्त होने से बचाने के लिए एक करोड़ 24 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा। पीड़ित ने जब कहा कि उसके पास इतने पैसे नहीं है तो उन्हें तथा उनकी पत्नी को गिरफ्तार करने की धमकी दी गई। पीड़ित के अनुसार उन्हें शक हुआ तथा उन्होंने बीती रात को इस मामले में साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी

