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भ्रामक खबरों से धार्मिक उन्माद फैलाने के मामले में दो आरोपियों पर चलेगा मुकदमा

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भ्रामक खबरों से धार्मिक उन्माद फैलाने के मामले में दो आरोपियों पर चलेगा मुकदमा


भरतपुर, 13 मई (हि.स.)। सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक भावनाएं भड़काने और समाज में वैमनस्य फैलाने के मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-1, भरतपुर ने सख्त रुख अपनाते हुए दो आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चलाने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपियों को समन जारी करने के निर्देश भी दिए हैं।

प्रकरण थाना कोतवाली भरतपुर में दर्ज एफआईआर संख्या 302/2022 से संबंधित है। मामले में आरोपी मोहन गुप्ता और करुणेश पंजाबी के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। मामले में परिवादी पक्ष की ओर से विश्व हिंदू परिषद की तरफ से पहले अधिवक्ता केपी सिंह पैरवी कर रहे थे। बाद में उनके विशिष्ट लोक अभियोजक नियुक्त होने के बाद प्रकरण में परिषद की ओर से अधिवक्ता गौरव खंडेलवाल ने पक्ष रखा।

प्रकरण के अनुसार रामनवमी के अवसर पर 10 अप्रैल 2022 को हुई एक कथित घटना को सोशल मीडिया पर बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बिना किसी ठोस साक्ष्य के धार्मिक उन्माद फैलाने और माहौल खराब करने का प्रयास किया। जांच एजेंसियों के अनुसार मौके पर न तो कोई आपत्तिजनक बैनर मिला और न ही किसी प्रकार के भड़काऊ नारे लगाए जाने के प्रमाण मिले। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक और झूठी खबरें प्रसारित कर धार्मिक तनाव पैदा करने की कोशिश की गई।

न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपियों का कृत्य भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए (1)(क)(ख) के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर न्यायालय ने आरोपियों के विरुद्ध प्रसंज्ञान लेते हुए समन जारी करने के आदेश दिए हैं। मामले को लेकर अब आगे न्यायालय में नियमित सुनवाई होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश