झाबुआ: फिल्मी अंदाज में घटित अपहरण की कहानी का हुआ पटाक्षेप, अपहर्ताओं को न माया मिली न राम
झाबुआ, 12 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिले की थाना राणापुर पुलिस द्वारा फिल्मी अंदाज में हुए अपहरण एवं फिरौती के एक गंभीर मामले में आरोपित अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर उनके द्वारा फिरौती के रूप में मांजगी जाने वाली ₹ पांच लाख की राशि बरामद कर अपहृत व्यक्ति को मुक्त करा लिया गया है।
लगभग एक वर्ष पूर्व का यह मामला जिले के ग्राम बन में हुए मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर को लेकर उपजा था, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी। इसी घटना को लेकर मृतक के आरोपित परिजनों द्वारा सामने वाले पक्ष पर आर्थिक दबाव बनाते हुए रुपयों की मांग की जा रही थी, और चूंकि दोनों पक्ष एक ही गांव के निवासी होने के कारण भील पंचायत के माध्यम से भी मामले का समाधान करने का प्रयास किया गया था, किन्तु आरोपी पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ, और ₹पांच लाख फिरौती की मांग करते हुए एक व्यक्ति को अपहृत कर लिया गया। अपहरण की सूचना पर थाना राणापुर में बी.एन.एस. के तहत विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई करते हुए विवेचना प्रारंभ की गई, और अपहृत व्यक्ति को सकुशल मुक्त कराते हुए आरोपियों से 5 लाख रुपये नगद बरामद किए हैं।
रानापुर थाना क्षेत्र के ग्राम बन से संबंधित अपहरण के उक्त मामले में जानकारी देते हुए जिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार ने शुक्रवार को बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व ग्राम बन में मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई थी। दुर्घटना में आरोपी पक्ष के एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी, जबकि फरियादी पक्ष के व्यक्ति को मामूली चोटें आई थीं। इसी घटना को लेकर आरोपी पक्ष लगातार फरियादी पक्ष पर आर्थिक दबाव बनाते हुए रुपयों की मांग कर रहा था, और दोनों पक्ष एक ही गांव के निवासी होने के कारण भील पंचायत के माध्यम से भी मामले का समाधान करने का प्रयास किया गया था, किन्तु आरोपी पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। इसी विवाद के चलते आरोपी पक्ष ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर फरियादी पक्ष के सोहन पुत्र मकना बामनिया (उम्र 42 वर्ष), निवासी लबानिया फलिया, ग्राम बन का अपहरण कर लिया।
मामले में फरियादी की सूचना पर थाना राणापुर में अपराध क्रमांक 317/2026 अंतर्गत धारा 115(2), 140(2), 3(5) बी.एन.एस. के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई, और प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपालसिंह मोहबिया एवं एसडीओपी झाबुआ कमलेश शर्मा की देख-रेख में पुलिस टीम (थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश रावत, उपनिरीक्षक नीलिमा शर्मा, उपनिरीक्षक राहुल भिड़े, चौकी प्रभारी कंजावानी सहायक उपनिरीक्षक मनीष कुमार एवं हिमांशु चौहान, प्रधान आरक्षक तेरसिंह, राजू चौहान, आरक्षक ऐलामसिंह, महिला आरक्षक संगीता एवं आरक्षक दिनेश भयड़िया) गठित की गई। विवेचना के दौरान विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी अपहृत सोहन बामनिया को छोड़ने के बदले 5 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। पुलिस द्वारा रणनीतिक योजना बनाकर आरोपियों को रुपये देने हेतु एक निर्धारित स्थान तय किया गया, और जैसे ही आरोपियों ने ₹5 लाख प्राप्त कर अपहृत व्यक्ति को छोड़ा, पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया तथा ₹5 लाख नगद बरामद कर लिए गए।
गिरफ्तार आरोपितों के नाम हैं, दिनेश पुत्र अपसिंह डावर, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम बन, गोबा पुत्र कापसिंह डावर, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम बन, अपसिंह पुत्र पीडू डावर, उम्र 56 वर्ष, निवासी ग्राम बन, और रोऊ पुत्र अपसिंह डावर, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम बन हैं। पुलिस द्वारा अपहृत व्यक्ति सोहन पुत्र मकना बामनिया, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम बन को मुक्त करा लिया गया है, साथ ही उनके पास से ₹ पांच लाख बरामद किए गए हैं। थाना प्रभारी रानापुर, दिनेश रावत ने बताया कि बीती देर रात आरोपितों को पुलिस टीम की सहायता से गिरफ़्तार कर आज शुक्रवार उन्हें जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय द्वारा चारों आरोपितों को जेल भेज दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा

