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चित्तौड़ दुर्ग पर रतन सिंह महल के सामने अवैध निर्माण, पुरातत्व विभाग ने दर्ज कराया प्रकरण

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चित्तौड़ दुर्ग पर रतन सिंह महल के सामने अवैध निर्माण, पुरातत्व विभाग ने दर्ज कराया प्रकरण


चित्तौड़गढ़, 10 जून (हि.स.)। यूनेस्को की और से घोषित विश्व धरोहर एवं भारत सरकार की और से संरक्षित चित्तौड़ दुर्ग क्षेत्र में बिना अनुमति कराए जा रहे निर्माण कार्य के मामले में कोतवाली चित्तौड़गढ़ पुलिस ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज किया है। यह प्रकरण दुर्ग स्थित रतनसिंह महल के समाने किए निर्माण को लेकर हुआ हैं। वहीं पुरातत्व विभाग ने अब भी कई अवैध निर्माण को लेकर नोटिस दुआ हुआ है। यह पहला मामला है जिसमें पुलिस थाने में रिपोर्ट दी गई है।

पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, उप मण्डल चित्तौड़गढ़ के संरक्षण सहायक प्रेमचन्द शर्मा ने पुलिस थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ में रिपोर्ट दी है। इसमें बताया कि चित्तौड़ दुर्ग यूनेस्को की और से घोषित विश्व धरोहर स्थल होने के साथ ही भारत सरकार की और संरक्षित स्मारक है। दुर्ग की प्राचीर के भीतर का सम्पूर्ण क्षेत्र प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल व अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत संरक्षित क्षेत्र घोषित है, जहां केन्द्र सरकार की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण, पुनर्निर्माण, मरम्मत अथवा अन्य गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। यहां युवराजादित्य सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह निवासी प्रतापनगर, चित्तौड़गढ़ की और से दुर्ग स्थित रतनसिंह महल के सामने बिना अनुमति के निर्माण कार्य कराया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों की और से पूर्व में चेतावनी दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी पाए जाने पर थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ में प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल व अवशेष अधिनियम, 1958 की धारा 19(1) एवं 30(ए) तथा धारा 329(3) बीएनएस 2023 के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चित्तौड़ दुर्ग क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण संबंधी गतिविधियों के विरुद्ध पुलिस एवं संबंधित विभाग की और से आगामी दिनों में भी विशेष अभियान जारी रखा जाएगा। संरक्षित क्षेत्र का सर्वेक्षण करा कर नियमों के विपरीत पाए जाने वाले अवैध निर्माणों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल