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गोविंदपुरी अग्निकांड: आग लगने से पहले इमारत में दाखिल हुई नकाबपोश महिला, सीसीटीवी फुटेज से जांच में नया मोड़

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गोविंदपुरी अग्निकांड: आग लगने से पहले इमारत में दाखिल हुई नकाबपोश महिला, सीसीटीवी फुटेज से जांच में नया मोड़


नई दिल्ली, 13 जून (हि.स.)। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड की जांच में नया मोड़ आ गया है। आग लगने से कुछ मिनट पहले एक नकाबपोश महिला के इमारत में प्रवेश करने का कथित सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस अब शॉर्ट सर्किट के साथ-साथ साजिश और आगजनी के पहलू की भी जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तुगलकाबाद एक्सटेंशन की गली नंबर-1 स्थित पांच मंजिला रिहायशी इमारत में शुक्रवार तड़के लगी आग में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान 70 वर्षीय सुशीला देवी, उनके नाती पंकज (28) और नातिन सोनी (20) के रूप में हुई है। वहीं पंकज की मां गुड्डी देवी (50) और छोटी बहन मोनी (18) गंभीर रूप से झुलस गईं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज लगा है, जिसमें एक महिला चेहरे को दुपट्टे से ढककर रात करीब 2:23 बजे इमारत के भीतर जाती दिखाई दे रही है। करीब 50 सेकंड के इस कथित वीडियो में महिला के अंदर जाने के कुछ ही क्षण बाद गेट के भीतर तेज रोशनी या चमक दिखाई देती है। इसके तुरंत बाद महिला को इमारत से बाहर निकलकर जाते हुए देखा जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, यह फुटेज इमारत के पार्किंग क्षेत्र में लगे कैमरे में कैद हुई है। वीडियो सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने महिला की भूमिका को लेकर पड़ताल तेज कर दी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है और महिला की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार तड़के 2:31 बजे पीसीआर कॉल के जरिए आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद दमकल विभाग और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। धुएं से भरी इमारत में फंसे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आग लगने की वजह भूतल पर खड़े दोपहिया वाहनों के पास हुए संभावित शॉर्ट सर्किट को माना था। लेकिन अब सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद आगजनी की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों और स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं, जिनकी वैज्ञानिक जांच की जा रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इमारत किसी एक व्यक्ति की नहीं थी। प्रत्येक मंजिल पर दो-दो फ्लैट बने हुए थे और उनमें अलग-अलग परिवार रहते थे।

फिलहाल कई पुलिस टीमों को नकाबपोश महिला की पहचान और घटना से पहले की गतिविधियों का पता लगाने में लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी