सूरजपुर : गायत्री परियोजना प्रभावित परिवारों को मिलेंगे 17 रोजगार
सूरजपुर, 19 जून (हि.स.)। गायत्री भूमिगत परियोजना से प्रभावित परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आज शुक्रवार को जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक में ग्राम गेतरा के प्रभावित भूमि स्वामियों एवं आश्रितों को कोल इंडिया पुनर्वास नीति-2012 के तहत रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। समिति ने घटते क्रम में वरीयता सूची के आधार पर रोजगार प्रदान करने के विकल्प पर सहमति व्यक्त की है।
तहसील सूरजपुर अंतर्गत केतका स्थित गायत्री भूमिगत परियोजना, विश्रामपुर एसईसीएल क्षेत्र से संबंधित आयोजित बैठक में पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रभावित परिवारों को नीति के तहत उपलब्ध दो विकल्पों में से एक का चयन करने के लिए विचार-विमर्श किया गया, जिसमें वरीयता सूची के आधार पर रोजगार देने के प्रस्ताव पर सहमति बनी।
बैठक में बताया गया कि गायत्री भूमिगत परियोजना के लिए कुल 288.209 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है, जिसमें 220.784 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। परियोजना से ग्राम जोबगा, गेतरा और पोड़ी के ग्रामीण प्रभावित हुए हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम गेतरा में 14.544 हेक्टेयर (35.939 एकड़) निजी भूमि का अधिग्रहण किया गया है। मुआवजा निर्धारण के समय यहां 40 खातेदार थे, जबकि अधिग्रहण की तिथि पर खातेदारों की संख्या 38 दर्ज की गई थी।
अधिग्रहित निजी भूमि के एवज में 38 खातेदारों हेतु कुल 7.20 करोड़ रुपये मुआवजा निर्धारित किया गया है। इनमें से अब तक 15 खातेदारों को लगभग 2 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 23 खातेदारों को करीब 5.20 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना शेष है।
बैठक में यह भी बताया गया कि कोल इंडिया पुनर्वास नीति-2012 के तहत परियोजना प्रभावित परिवारों के लिए 17 रोजगार स्वीकृत हैं। समिति ने प्रभावितों को नियमानुसार लाभ दिलाने तथा पुनर्वास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। अब बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने की आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

