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पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल, आवाज फाउंडेशन ने किया घोंसला वितरण कार्यक्रम

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पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल, आवाज फाउंडेशन ने किया घोंसला वितरण कार्यक्रम


पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल, आवाज फाउंडेशन ने किया घोंसला वितरण कार्यक्रम


पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल, आवाज फाउंडेशन ने किया घोंसला वितरण कार्यक्रम


कोरबा,06 मार्च (हि. स.)। पर्यावरण संरक्षण और विलुप्त होती चिड़ियों के संरक्षण के उद्देश्य से आवाज फाउंडेशन कोरबा द्वारा शुक्रवार को एक सराहनीय पहल की गई। संस्था की ओर से कुसमुंडा क्षेत्र के विकास नगर स्थित दुर्गा पूजा ग्राउंड में “घोंसला (एक घर)” वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर इस पहल का स्वागत किया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तेजी से कम होती चिड़ियों की संख्या को बचाने और उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए लोगों को जागरूक करना था। संस्था के सदस्यों ने बताया कि पहले खेतों में बड़ी संख्या में चिड़ियां दिखाई देती थीं, जो कीट-पतंगों और हानिकारक कीड़ों को खाकर फसलों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थीं। विशेष रूप से धान की फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को ये चिड़ियां प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करती थीं।

लेकिन आधुनिक खेती में बढ़ते रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग, पेड़ों की कटाई और शहरीकरण के कारण इन चिड़ियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए आवाज फाउंडेशन ने “घोंसला (एक घर)” अभियान शुरू किया है, जिसके तहत लोगों को कृत्रिम घोंसले वितरित कर उन्हें अपने घरों और आसपास के पेड़ों पर लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि चिड़ियों को सुरक्षित आश्रय मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान संस्था द्वारा उपस्थित लोगों के बीच घोंसले वितरित किए गए। लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जैव विविधता को बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर कुसमुंडा विकास नगर की पार्षद गीता गभेल, विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह, समाजसेवी विशाल जैन सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और पत्रकार उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में आवाज फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि आने वाले समय में भी पर्यावरण संरक्षण और पक्षियों के संरक्षण के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण मिल सके।

हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी