वाटर एंबुलेंस बनी जीवन रक्षक: पहले ही दिन मरीज को मिली समय पर चिकित्सा
धमतरी, 20 अप्रैल (हि.स.)। गंगरेल बांध के डुबान क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए शुरू की गई वाटर एंबुलेंस सेवा ने पहले ही दिन अपनी उपयोगिता साबित कर दी। सोमवार को ठेमली आइलैंड में काम कर रहे एक मजदूर की अचानक तबीयत बिगड़ने पर इस सेवा के जरिए उसे त्वरित उपचार उपलब्ध कराया गया।
जानकारी के अनुसार, सिरपुर निवासी 26 वर्षीय शंकर कमार ठेमली आइलैंड में कार्य कर रहा था, तभी अचानक उसके ऊपर सांप गिर गया। इस घटना से वह घबरा गया और उसके सिर में जलन के साथ तबीयत बिगड़ने लगी। मौके पर मौजूद ठेकेदार ने तुरंत सूचना दी, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया। गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स की टीम ने तत्परता दिखाते हुए वाटर एंबुलेंस को रवाना किया और महज 15 से 20 मिनट के भीतर मरीज को आइलैंड से किनारे तक पहुंचाया। यहां पहले से तैयार खड़ी 108 एंबुलेंस के माध्यम से उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।
डुबान क्षेत्र के लोगों को अब तक स्वास्थ्य सुविधा के लिए धमतरी पहुंचने में एक घंटे से अधिक समय लग जाता था, जिससे कई बार स्थिति गंभीर हो जाती थी। इस समस्या को देखते हुए प्रशासन ने गंगरेल बांध में वाटर एंबुलेंस सेवा शुरू की है, जो अब राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभर रही है। प्रशासन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य दूरस्थ और जलमग्न क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि आपात स्थिति में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
तेज रेस्क्यू, बेहतर राहत
पहले ही दिन मिली सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वाटर एंबुलेंस सेवा डुबान क्षेत्र के लिए किसी जीवन रेखा से कम नहीं है। आने वाले समय में इससे और भी कई जरूरतमंदों को समय पर मदद मिल सकेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

