बलरामपुर : फर्जी ई-चालान लिंक से सावधान, केवल अधिकृत पोर्टल से ही करें भुगतान
बलरामपुर, 23 जून (हि.स.)। साइबर अपराधियों द्वारा फर्जी ई-चालान लिंक भेजकर आम नागरिकों से ठगी किए जाने के मामलों को देखते हुए जिला परिवहन अधिकारी ने वाहन चालकों एवं नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ई-चालान से संबंधित जानकारी एवं भुगतान केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल के माध्यम से ही किया जाए।
जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि साइबर ठग एसएमएस, व्हाट्सएप एवं अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से फर्जी ई-चालान के संदेश भेज रहे हैं। इन संदेशों में दिए गए लिंक देखने में सरकारी वेबसाइट जैसे प्रतीत होते हैं, लेकिन वास्तव में ये फर्जी वेबसाइटें होती हैं, जिनका उद्देश्य बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करना होता है।
उन्होंने बताया कि ऐसे संदेश अक्सर अज्ञात मोबाइल नंबर या व्हाट्सएप नंबर से भेजे जाते हैं। इनमें जुर्माना बढ़ने या कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर लोगों को तुरंत भुगतान करने के लिए भ्रमित किया जाता है। कई मामलों में मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है, जो साइबर अपराधियों द्वारा तैयार किया गया हानिकारक सॉफ्टवेयर हो सकता है।
अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी है कि ई-चालान संबंधी किसी भी जानकारी के लिए केवल भारत सरकार के अधिकृत ई-चालान पोर्टल अथवा राज्य पुलिस एवं परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें तथा ओटीपी, बैंक खाता विवरण, डेबिट/क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी एवं यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
साइबर ठगी की स्थिति में नागरिक तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
अधिकांश फर्जी लिंक अज्ञात नंबरों से आते हैं। इनमें संदिग्ध डोमेन होते हैं। ऐसे संदेशों में तत्काल भुगतान या कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जाती है। लिंक खोलने पर सीधे कार्ड या यूपीआई डिटेल्स मांगी जाती हैं तथा कई बार एपीके ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है।
नागरिकों से अपील की गई है कि केवल आधिकारिक पोर्टल ई-चालान पोर्टल का ही उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध लिंक से बचें। साथ ही अपने परिवार एवं परिचितों को भी इस संबंध में जागरूक करें, ताकि साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

