विश्वकर्मा योजना से मिला सहारा, साइकिल रिपेयरिंग की दुकान चलाकर आत्मनिर्भर बने लड्डू किंडो
बलरामपुर, 24 सितंबर (हि.स.)। बलरामपुर जिले के ग्राम भैंसामुंडा निवासी लड्डू किंडो के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना स्वरोजगार शुरू करने का जरिया बनी है। आर्थिक कठिनाइयों के बीच उन्होंने योजना के तहत प्रशिक्षण लिया और व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण प्राप्त कर साइकिल रिपेयरिंग की दुकान शुरू की। आज गुरुवार को योजना से मिले लाभ की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि दुकान से अब उन्हें नियमित आमदनी हो रही है।
लड्डू किंडो के परिवार के सामने पहले स्थायी रोजगार और नियमित आय की समस्या थी। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत उन्होंने छह सप्ताह का प्रशिक्षण लिया, जिसमें अपने काम से जुड़े कौशल को बेहतर करने के साथ व्यवसाय संचालन से जुड़ी जानकारी भी हासिल की।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें व्यवसाय शुरू करने के लिए एक लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने साइकिल रिपेयरिंग की दुकान शुरू की। दुकान में साइकिल मरम्मत के अलावा इससे जुड़े अन्य काम भी किए जाते हैं। लड्डू के अनुसार दुकान से उन्हें हर महीने करीब 15 से 18 हजार रुपये की आमदनी हो रही है।
नियमित आमदनी से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और भविष्य को लेकर उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। लड्डू का कहना है कि प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें अपना काम शुरू करने का अवसर मिला और अब वह रोजगार की तलाश करने के बजाय स्वयं रोजगार कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पात्र कारीगरों और शिल्पकारों को प्रशिक्षण, टूलकिट प्रोत्साहन, ऋण सहित विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। लड्डू किंडो की कहानी बताती है कि प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग मिलने पर पारंपरिक कौशल को स्वरोजगार के रूप में आगे बढ़ाया जा सकता है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

