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बांसकुंड के ग्रामीणों ने आवागमन के लिए लकड़ियों व बांस से बनाया अस्थायी पुल

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बांसकुंड के ग्रामीणों ने आवागमन के लिए लकड़ियों व बांस से बनाया अस्थायी पुल


कांकेर, 15 अगस्त (हि.स.)। जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड़ के ग्राम पंचायत बांसकुंड में पक्के पुल के अभाव ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वर्षों से पुल निर्माण का इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने बारिश के मौसम में नदी पार करने के लिए लकड़ियों और बांस से अस्थायी पुल तैयार किया है। यही पुल अब स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और अन्य ग्रामीणों के लिए आवागमन का मुख्य सहारा बना हुआ है।

ग्रामीणों के अनुसार नदी पर पक्का पुल नहीं होने के कारण वे हर साल आपसी सहयोग से लकड़ियों और बांस की मदद से अस्थायी पुल बनाते हैं। पहले बारिश के दौरान लोगों को पानी के बीच से या एनीकट के पिल्लरों के सहारे नदी पार करनी पड़ती थी। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ लकड़ी का यह पुल भी जोखिम भरा हो जाता है। इसके बावजूद ग्रामीण स्कूल, खेत, बाजार और रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पक्के पुल के लिए कई बार अधिकारियों को आवेदन दिया गया और मौके पर नाप-जोख भी हुई, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका।

प्रशासन से मिली जानकरी के अनुसार पुल निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार हो चुका है और प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। बारिश का मौसम खत्म होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में ग्रामीणों की सालों पुरानी समस्या कब खत्म होगी, यह वर्तमान में बड़ा सवाल बना हुआ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे