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पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, खनिज परिवहन प्रभावित

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पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, खनिज परिवहन प्रभावित


बालोद, 26 सितंबर (हि.स.)। बोईरडीह जलाशय से आड़ेझर गांव में पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को चक्काजाम के साथ अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में ग्रामीण महामाया माइंस जाने वाले मुख्य मार्ग पर सड़क पर बैठ गए। महामाया, दुलकी एवं कलवर माइंस से खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।

ग्रामीणों का कहना है कि आड़ेझर लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए बोईरडीह जलाशय से पाइपलाइन के माध्यम से गांव तक पानी पहुंचाने की मांग की जा रही है। ग्रामीणों ने 23 सितंबर को बीएसपी प्रबंधन और एसडीएम डौंडी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया था। ग्रामीणों के अनुसार ज्ञापन के बाद भी कोई ठोस पहल नहीं होने पर उन्हें सड़क पर उतरकर आंदोलन शुरू करना पड़ा।

करीब दोपहर 1 बजे तहसीलदार देवेंद्र नेताम और बीएसपी के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनरत ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं जानीं। ग्रामीणों के अनुसार तहसीलदार ने कहा कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए पीएचई विभाग से चर्चा की जाएगी और समस्या का निराकरण कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं ग्रामीणों के अनुसार बीएसपी अधिकारियों ने पेयजल उपलब्ध कराने में अपनी असमर्थता जताते हुए कहा कि वर्तमान में माइंस संचालन के लिए ही पानी की कमी है।

बीएसपी अधिकारियों ने यह भी बताया कि आने वाले समय में अन्य माइंस से भी उत्खनन शुरू होना है। ऐसे में तत्काल ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराना उनके लिए संभव नहीं है। बीएसपी अधिकारियों के इस पक्ष के बाद ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि जिस क्षेत्र से वर्षों से बड़े पैमाने पर आयरन ओर का उत्खनन और परिवहन हो रहा है, उसी क्षेत्र के लोगों को पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

पूर्व सरपंच भीखम भुआर्य ने कहा कि ग्रामीणों के क्षेत्र से बीएसपी प्रबंधन को कच्चा लोहा निकालना है, लेकिन खनन प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के मामले में प्रबंधन पीछे हट रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से पेयजल के साथ सड़क, रोजगार और पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। खनन गतिविधियों से क्षेत्र को प्रभावित करने वाली समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

इस बीच जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और मांगों की जानकारी ली तथा आंदोलन को समर्थन दिया। जनपद सदस्य ने ग्रामीणों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने शासन, जिला प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन से ग्रामीणों के साथ तत्काल गंभीरता से चर्चा कर उनकी मांगों का समाधान निकालने की मांग की।

ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि बोईरडीह जलाशय से पाइपलाइन के माध्यम से आड़ेझर गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस स्रोत से पानी उपलब्ध कराया जाता है तो गांव की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल