बस्तर दशहरा के विजय रथ की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत, दो गंभीर घायल
जगदलपुर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। रियासत कालीन बस्तर दशहरा में भीतर रैनी रथ परिक्रमा पूजा विधान के दौरान बीती रात्रि 10 बजे तीन ग्रामीण हादसे के शिकार हाे गए। विशालकाय आठ पहियों वाले विजय रथ की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद उत्सव स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतक की पहचान बस्तर जिले के बास्तानार ब्लॉक के सुरगुड़ा निवासी कोपाराम कश्यप के रूप में हुई है।
जगदलपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बस्तर दशहरा की पारंपरिक भीतर रैनी रस्म के तहत आदिवासी ग्रामीण मां दंतेश्वरी के छत्र को बुधवार की रात्रि 10 बजे विजय रथ पर विराजित कर कुम्हड़ाकोट ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान श्रीजगन्नाथ मंदिर परिसर में रथ खींचने के दौरान एक ग्रामीण उसकी चपेट में आ गया। रथ के नीचे आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, एक अन्य व्यक्ति का पैर रथ के पहिए की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। एंबुलेंस की मदद से उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
इसके अलावा लालबाग स्थित आईजी बंगले के सामने बीती रात्री 12:30 बजे एक ग्रामीण विजय रथ की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में जान गंवाने वाले ग्रामीण की पहचान कोपाराम कश्यप, निवासी सुरगुड़ा, ब्लॉक बास्तानार के रूप में हुई है। वहीं, घायल ग्रामीणों में एक की पहचान लोहंडीगुड़ा निवासी सुखराम मंडावी के रूप में बताई जा रही है। दूसरे घायल की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है। हादसे की खबर से मृतक के परिवार में शोक का माहौल है। बताया जा रहा है कि कोपाराम कश्यप बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए आया था।
बस्तर दशहरा अपनी अनूठी आदिवासी परंपराओं और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। भीतर रैनी और बाहर रैनी रस्म के दौरान ग्रामीणों द्वारा तैयार किए गए आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ की परिक्रमा की जाती है। इस रस्म के तहत रथ को मां दंतेश्वरी मंदिर से खींचकर करीब चार किलोमीटर दूर कुम्हड़ाकोट के जंगल तक ले जाया जाता है। इस पारंपरिक आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल होते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहता है। पुलिस की ओर से लोगों से रथ के बेहद करीब नहीं जाने की अपील भी की जाती है। इसके बावजूद बुधवार देर रात हुए इस हादसे में एक ग्रामीण की जान चली गई और दो अन्य घायल हो गए।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

