सरगुजा में मौसम का कहर: बारिश-ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान, किसानों की बढ़ी चिंता
अंबिकापुर, 19 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में लगातार बदलते मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। आज गुरुवार को भी कई इलाकों में बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई गई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
सरगुजा संभाग में पिछले चार दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। लगातार बादल छाए रहने के साथ कई इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन के साथ खेती-किसानी पर भी असर डाला है। मंगलवार रात मैनपाट, प्रतापपुर समेत कई क्षेत्रों में जमकर ओले गिरे, जबकि बुधवार को सरगुजा और सूरजपुर के विभिन्न इलाकों में बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने गुरुवार को भी संभाग के कई हिस्सों में बारिश और छिटपुट ओलावृष्टि की संभावना जताई है। हालांकि शुक्रवार से मौसम में कुछ सुधार के संकेत हैं, लेकिन 22 मार्च तक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश या ओले गिरने की आशंका बनी हुई है।
ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ा है। गेहूं, चना और टमाटर की फसल को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी फसल ओलों की मार से बर्बाद हो गई, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में फसल नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है। अधिकारी किसानों से जानकारी जुटा रहे हैं, ताकि आगे मुआवजे की प्रक्रिया तय की जा सके।
ओलों की मार से आम और लीची के बौर भी झड़ गए हैं, जिससे इस साल फलों के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि इन फसलों के नुकसान का आधिकारिक आंकलन नहीं किया जाएगा, लेकिन किसानों के लिए यह भी बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है। जहां केवल बारिश हुई है और ओले नहीं गिरे, वहां किसानों को कुछ हद तक फायदा भी हुआ है, खासकर उन फसलों में जिन्हें नमी की जरूरत थी।
मौसम में बदलाव के चलते तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। अंबिकापुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के औसत से करीब 5 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री रहा।
मौसम विभाग के अनुसार जैसे ही बादल छंटेंगे, तेज धूप के कारण तापमान में तेजी से वृद्धि होगी। फिलहाल किसान मौसम के अगले रुख पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि आने वाले दिन उनकी फसलों के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

