कोसमंदा के ठाकुरदिया चौक में सजेगा अनोखा गणेश पंडाल, शंख में विराजेंगे गोबर से बने गणेश
जांजगीर-चांपा, 13 सितम्बर (हि. स.)। जिले के कोसमंदा गांव में इस वर्ष गणेश उत्सव को लेकर खास तैयारियां की जा रही हैं। गांव के ठाकुरदिया चौक में गणेश उत्सव के लिए एक अनोखा और आकर्षक पंडाल तैयार किया जा रहा है। इस पंडाल की सबसे खास बात यह होगी कि यहां भगवान गणेश की प्रतिमा पारंपरिक तरीके से तैयार की जा रही है और इसे शंख में विराजित किया जाएगा। वहीं, गणेश प्रतिमा को गोबर से तैयार किए जाने की पहल इसे और भी खास बना रही है।
कोसमंदा में तैयार हो रहा यह गणेश पंडाल छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति, परंपरा और लोक जीवन को केंद्र में रखकर बनाया जा रहा है। पंडाल की सजावट में गांव की पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय जीवनशैली की झलक देखने को मिलेगी। आयोजकों का प्रयास है कि गणेश उत्सव के माध्यम से लोगों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध ग्रामीण विरासत और पारंपरिक कला-संस्कृति से जोड़ने का संदेश दिया जाए।
ठाकुरदिया चौक में बन रहे इस पंडाल को लेकर ग्रामीणों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पंडाल निर्माण में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्राकृतिक और पारंपरिक सामग्री के उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गोबर से तैयार गणेश प्रतिमा पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक भारतीय संस्कृति से जुड़े संदेश को भी सामने रखेगी।
आयोजकों के अनुसार, भगवान गणेश को शंख में विराजित करने की परिकल्पना पंडाल की सबसे प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। शंख को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व प्राप्त है। इसी धार्मिक प्रतीक को केंद्र में रखकर गणेश प्रतिमा की स्थापना की तैयारी की जा रही है। पंडाल को इस तरह से आकार दिया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को यहां पहुंचने पर धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश का भी अनुभव हो सके।
पंडाल में छत्तीसगढ़ के गांवों की पारंपरिक संस्कृति को अलग-अलग स्वरूपों में प्रदर्शित करने की तैयारी है। स्थानीय परिवेश, ग्रामीण जीवन, पारंपरिक कला और संस्कृति से जुड़े तत्वों को सजावट का हिस्सा बनाया जा रहा है। इससे गणेश उत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रहकर सांस्कृतिक आयोजन का स्वरूप भी लेगा।
गांव में गणेश उत्सव को लेकर युवाओं और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिल रही है। पंडाल निर्माण से लेकर सजावट और आयोजन की तैयारियों में ग्रामीण जुटे हुए हैं। ठाकुरदिया चौक में बन रहे इस विशेष पंडाल को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
कोसमंदा का यह गणेश पंडाल इस बार अपनी अनोखी थीम, गोबर से निर्मित गणेश प्रतिमा, शंख में गणेश जी की स्थापना और छत्तीसगढ़ी ग्रामीण संस्कृति की झलक के कारण आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। गणेश उत्सव के दौरान यहां धार्मिक आयोजन के साथ स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी प्रमुखता दी जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

