फॉस्टर केयर योजना से दो सहोदर बालिकाओं को मिला नया परिवार, कोरबा में सातवां सफल प्लेसमेंट
कोरबा, 27 फरवरी (हि. स.)। जिले में पालन-पोषण देखरेख (फॉस्टर केयर) योजना के तहत आज दो सहोदर बालिकाओं को नया परिवार मिल गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज के मार्गदर्शन में यह जिले का सातवां सफल प्लेसमेंट माना जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।
जानकारी के अनुसार, बाल कल्याण समिति कोरबा के आदेश पर सुमति सामुदायिक विकास संस्था द्वारा संचालित बाल गृह (बालिका) में रह रही दोनों बहनों को नियमानुसार अस्थायी संरक्षण आदेश के तहत पालन-पोषण देखरेख परिवार को सुपुर्द किया गया। संबंधित परिवार ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बिलासपुर को आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसे निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद कोरबा स्थानांतरित कर परीक्षण किया गया।
प्रक्रिया के दौरान परिवार द्वारा प्रस्तुत सभी आवश्यक दस्तावेजों—फोटोग्राफ, आधार कार्ड, जन्मतिथि प्रमाण (दसवीं की अंकसूची), मेडिकल रिपोर्ट, निवास एवं विवाह प्रमाण पत्र, संदर्भ पत्र, पुलिस सत्यापन, आय प्रमाण पत्र तथा पैन कार्ड—का गहन परीक्षण किया गया। दस्तावेज सही पाए जाने के बाद बालिकाओं और परिवार के बीच मैचिंग प्रक्रिया कराई गई। बालिकाओं की सहमति और परिवार की स्वीकृति मिलने के पश्चात बाल कल्याण समिति ने संरक्षण आदेश जारी कर दोनों बालिकाओं को परिवार को सौंप दिया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महापौर संजू देवी राजपूत, पार्षदगण, महिला शक्ति संगठन के सदस्य, बाल कल्याण समिति के सदस्य, जिला बाल संरक्षण अधिकारी दयादास महंत सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार की स्पॉन्सरशिप योजना की भी जानकारी दी गई, जिसके अंतर्गत पात्र बच्चों को 4 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
अधिकारियों ने बताया कि फॉस्टर केयर योजना से बच्चों को संस्थागत देखरेख के बजाय पारिवारिक माहौल मिलता है, जिससे उनके मानसिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जनजागरूकता कार्यक्रम में समाजसेवी नागरिकों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों तथा बालिका गृह के कर्मचारियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।
हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

