गंगरेल बांध के खुले दो गेट, 5580 क्यूसेक पानी से तर होंगे गांव
धमतरी, 22 अप्रैल (हि.स.)। भीषण गर्मी और 41 डिग्री तापमान के बीच जिले के जीवनदायिनी गंगरेल बांध से
राहत भरी खबर सामने आई है। निस्तारी संकट को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने
बांध के दो गेट खोलकर 5580 क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे
ग्रामीण क्षेत्रों के सूखते तालाबों को जीवनदान मिल रहा है।
बांध
से छोड़ा गया पानी रूद्री बांध होते हुए रूद्री बैराज के माध्यम से महानदी
मुख्य नहर में प्रवाहित किया जा रहा है। यहां से यह पानी सहायक नहरों के
जरिए गांवों के तालाबों तक पहुंच रहा है, जिससे जल संकट से जूझ रहे
क्षेत्रों को राहत मिल रही है।गंगरेल से छोड़ा गया पानी केवल धमतरी ही
नहीं, बल्कि बालोद, बलौदाबाजार और रायपुर तक पहुंचकर निस्तारी संकट को दूर
करता है। नहरों में पानी छोड़े जाने से भूजल स्तर भी बना रहता है, जो आने
वाले महीनों के लिए राहत भरा संकेत है।
अप्रैल के तीसरे सप्ताह से ही तेज
गर्मी ने हालात कठिन कर दिए थे। कई तालाब सूखने लगे थे और ग्रामीण
क्षेत्रों में पानी की मांग बढ़ गई थी। ऐसे में समय पर लिया गया यह निर्णय
हजारों लोगों के लिए राहत लेकर आया है। पिछले वर्ष हुई अच्छी बारिश का असर
इस साल साफ दिखाई दे रहा है, जिसके कारण सभी बांधों में पर्याप्त जलभराव
बना हुआ है और गर्मी के बावजूद हालात नियंत्रण में हैं।
जल
संसाधन विभाग के अनुसार गंगरेल बांध में 23.797 टीएमसी जलभराव, जिसमें
18.726 टीएमसी उपयोगी पानी कुल 69% जलभराव, जो गर्मी के लिए पर्याप्त माना
जा रहा है। अन्य प्रमुख बांधों की स्थिति भी उत्साहजनक है: मुरूमसिल्ली
बांध: 5 टीएमसी से अधिक ,दुधावा बांध: 8.458 टीएमसी (82%) तथा सोंढूंर बांध: 5
टीएमसी से अधिक।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

