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अपराध प्रकरणों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से करें गुणवत्तापूर्ण विवेचना : एसपी

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अपराध प्रकरणों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से करें गुणवत्तापूर्ण विवेचना : एसपी


धतमरी, 02 अक्टूबर (हि.स.)। एसपी कार्यालय धमतरी में दाे अक्टूबर को जिला पुलिस बल के अधिकारियों एवं

विवेचकों के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में

वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना पर जोर देते हुए अपराध प्रकरणों में

वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए गए।

कार्यशाला का संचालन

वैज्ञानिक अधिकारी वसीम अकरम ने किया। उन्होंने अपराध स्थल को तत्काल

सुरक्षित करने, महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्यों के संरक्षण, वैज्ञानिक तरीके से

साक्ष्य संकलन तथा एफएसएल जांच की उपयोगिता के संबंध में अधिकारियों को

व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।

कार्यक्रम काे संबाेधित करते हुए उन्होंने बताया कि यदि किसी कारणवश वैज्ञानिक

अधिकारी तत्काल अपराध स्थल पर नहीं पहुंच पाते हैं, तो पुलिस अधिकारियों को

साक्ष्यों की सुरक्षा के लिए किन आवश्यक सावधानियों का पालन करना चाहिए।

अपराध स्थल पर उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्री एवं उपकरणों तथा साक्ष्यों

को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया का भी व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।

कार्यशाला में साक्ष्य संग्रह, संदिग्धों की वैज्ञानिक पहचान तथा अपराध के

कारण और तरीके के निर्धारण पर विशेष जोर दिया गया।

डीएनए, रक्त, डायटम,

आग्नेयास्त्र सहित विभिन्न वैज्ञानिक परीक्षणों की विवेचना में उपयोगिता और

उनके माध्यम से ठोस साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया समझाई गई। इस दौरान धमतरी

जिले के पूर्व के कुछ प्रकरणों का उदाहरण देते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों के

आधार पर अपराध की वास्तविकता तक पहुंचने और आरोपितों के विरुद्ध ठोस

साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी बताई गई। एसपी भावना पांडेय ने अधिकारियों

को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए

साक्ष्य-आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना की जाए, ताकि अपराधियों के

विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई के साथ प्रकरणों में अधिक से अधिक

दोषसिद्धि सुनिश्चित की जा सके। कार्यशाला में डीएसपी यशकरण दीप ध्रुव,

वैज्ञानिक अधिकारी वसीम अकरम सहित जिलेभर के थाना एवं चौकी प्रभारी तथा

विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा