10 किलो चांदी चोरी के मामले में भड़के व्यापारी, पुलिस और जीएसटी कार्यालय के खिलाफ जताई नाराजगी
कोरबा, 28 मई (हि. स.)। मुंबई के एक सराफा व्यापारी की बस यात्रा के दौरान करीब 10 किलो चांदी के जेवर चोरी होने का मामला अब व्यापारिक संगठनों के विरोध तक पहुंच गया है। व्यापारी का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने चोरी का मामला गंभीरता से नहीं लिया, जबकि बची हुई चांदी केंद्रीय जीएसटी कार्यालय में फंसी हुई है। इससे नाराज व्यापारियों ने गुरुवार को जीएसटी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई।
जानकारी के अनुसार मुंबई निवासी व्यापारी संजय कुमार बाहेती 13 मई को अंबिकापुर से रायपुर की ओर बस से जा रहे थे। उनके पास बड़ी मात्रा में चांदी के जेवर रखे हुए थे। रास्ते में बांगो थाना क्षेत्र के एक होटल में बस रुकने पर वे कुछ देर के लिए नीचे उतरे। वापस लौटने पर उनके दो बैग गायब मिले, जिनमें लगभग 10 किलो चांदी के जेवर थे।
व्यापारी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें पुलिस से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उनका कहना है कि चोरी की शिकायत दर्ज कराने के दौरान पुलिस ने संदेह जताते हुए उल्टा उन्हीं से सवाल-जवाब किए। वहीं चोरी से बची करीब 12 किलो से अधिक चांदी को जांच के नाम पर जब्त कर जीएसटी विभाग को सौंप दिया गया।
संजय बाहेती का कहना है कि सभी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद अब तक उन्हें राहत नहीं मिली है और वे लगातार विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। मामले की जानकारी मिलने पर छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स से जुड़े पदाधिकारी भी व्यापारी के समर्थन में सामने आए।
व्यापारियों ने कहा कि यदि वैध कारोबार करने वालों के साथ इसी तरह का व्यवहार होगा तो व्यापारियों का भरोसा प्रशासन से उठ जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

