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ट्रेड लाइसेंस कानून वापस लेने की मांग , व्यापार हो रहा प्रभावित: कैट

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ट्रेड लाइसेंस कानून वापस लेने की मांग , व्यापार हो रहा प्रभावित: कैट


धमतरी, 02 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रस्तावित नए ट्रेड लाइसेंस नियम के विरोध में कैट की जिला इकाई के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने नए ट्रेड लाइसेंस कानून को छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के हितों के विपरीत बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

कैट के जिलाध्यक्ष महेश जसूजा ने बताया कि व्यापारी वर्ग पहले से ही जीएसटी, आनलाइन व्यापार और ई-कामर्स कंपनियों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों की आय लगातार प्रभावित हो रही है और नए नियम लागू होने पर उन्हें अतिरिक्त प्रक्रियाओं व शुल्कों का सामना करना पड़ेगा, जिससे व्यापार और रोजगार दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। गौतम वाधवानी ने बताया कि लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में नगर निगम में तीन श्रेणियों में रखा गया है। प्रत्येक दुकान की प्रति वर्गफीट के हिसाब से शुल्क लगाया जाना तय है।

नगर पालिका के अधीन दुकानों में अलग-अलग प्रति वर्गफीट तय किया गया है। प्रति वर्ग फीट शुल्क लिया जाएगा जिससे व्यापारी आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएंगे। पहले से ही आनलाइन खरीदी बिक्री से व्यापारियों की कमर टूट चुकी है। पुनः इस तरह का शुल्क लगाना डबल आर्थिक बोझ व्यापारियों पर पड़ रहा है। जिससे निरीक्षण के डर से कई दुकानदार व्यापार बंद करने को मजबूर हो जाएंगे। इससे न सिर्फ व्यापारी परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होगा बल्कि जिले में बेरोजगारी भी बढ़ेगी।

रामचंद वाधवानी ने कहा कि सरकार एक तरफ व्यापार को बढ़ावा देने की बात करती है, दूसरी तरफ ऐसे कानून लाकर हमें बर्बाद कर रही है। अगर यह नियम लागू हुआ तो छोटे दुकानदारों के बच्चों की पढ़ाई छूट जाएगी।

कैट पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से व्यापारी हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित ट्रेड लाइसेंस कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की। इस दौरान कार्यकारी अध्यक्ष सलज अग्रवाल, रामचंद वाधवानी, उपाध्यक्ष सुरेश महावर, धनराज लूनिया, प्रमोद गुप्ता, रवि मुंजवानी, दिलीप सुंदरानी, संकेत बरड़िया सहित अन्य व्यापारी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा