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अंबिकापुर : फल-फूल रहा तस्करी का खेल, सरगुजा में बेखौफ लकड़ी तस्कर

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अंबिकापुर : फल-फूल रहा तस्करी का खेल, सरगुजा में बेखौफ लकड़ी तस्कर


अंबिकापुर, 16 अप्रैल (हि.स.)। सरगुजा जिले का सीतापुर क्षेत्र इन दिनों अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्करों के लिए सुरक्षित चारागाह बन गया है। राजनीतिक संरक्षण के चलते तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के दिन-दहाड़े अवैध कटाई को अंजाम दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि नियम-कायदों को ताक पर रखकर चल रहे इस काले कारोबार पर लगाम कसने में स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब तक नाकाम साबित हुए हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस संगठित गिरोह में उत्तर प्रदेश के तस्कर मुख्य रूप से सक्रिय हैं, जो क्षेत्र की बेशकीमती लकड़ियों को दूसरे प्रांतों में खपा रहे हैं। हालांकि, वन विभाग ने हाल ही में सक्रियता दिखाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग ने ग्राम देवगढ़ से अवैध नीलगिरी लकड़ियों से लदे एक ट्रक (क्रमांक: CG15A C6501) को जब्त किया है। बताया जा रहा है कि इस ट्रक को उत्तर प्रदेश ले जाने की तैयारी थी, लेकिन मुखबिर की सूचना पर वनकर्मियों ने इसे घेराबंदी कर पकड़ लिया।

इस कार्रवाई के बाद तस्करों को बचाने के लिए सत्ताधारी दल के नेताओं द्वारा विभाग पर भारी दबाव बनाने की खबरें भी सामने आई हैं, लेकिन वन विभाग ने झुकने के बजाय ट्रक पर पीक्यूआर 18682/08 और वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

वनमण्डलाधिकारी के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में सुनयना एक्का, राजू बेक, जुएल बरवा, ललिता मिंज और अविनाश अनुराग तिग्गा की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान में वन विभाग का परिसर जब्त किए गए वाहनों से भर चुका है, जो इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्र में तस्करी किस कदर पैर पसार चुकी है।

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह