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ग्राम कुरंदी में तीन दिवसीय ‘स्पोर्ट्स फॉर प्रोटेक्शन’ प्रशिक्षण का हुआ समापन

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ग्राम कुरंदी में तीन दिवसीय ‘स्पोर्ट्स फॉर प्रोटेक्शन’ प्रशिक्षण का हुआ समापन


जगदलपुर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। बस्तर सामाजिक जन विकास समिति द्वारा संचालित बाल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम कुरंदी में आयोजित तीन दिवसीय ‘स्पोर्ट्स फॉर प्रोटेक्शन’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हुआ। 08 से 10 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य खेल-कूद के माध्यम से प्रतिभागियों में आत्म-जागरूकता, संचार कौशल, समस्या समाधान, निर्णय लेने की क्षमता, मूल्यबोध और सहानुभूति जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशलों का विकास करना था। प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों और कौशलों का उपयोग ग्राम स्तर पर बच्चों के साथ खेल आधारित गतिविधियों के संचालन, उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा उनके सुरक्षित और सकारात्मक विकास के लिए किया जा सकेगा।

कार्यक्रम में बाल संरक्षण, पुलिस विभाग और समाज सेवा से जुड़े विशेषज्ञों ने सहभागिता करते हुए महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति, बस्तर के अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्राही, जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. विजय शर्मा, गैर-संस्थागत देखरेख अधिकारी गुलशन कुमार भारिया, उप पुलिस अधीक्षक सुशांता लकड़ा, एसआई सतीश येदुराज, एएसआई शकुन्तला, संस्था के संस्थापक एवं सचिव डॉ. सुशील कुमार पाण्डेय तथा चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम के वरिष्ठ बाल संरक्षण अधिकारी सुकेंदु शंतरा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के दौरान सभी अतिथि विशेषज्ञों ने बच्चों के संरक्षण और सहभागिता के अधिकारों पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उसकी बात सुनना, उसकी भावनाओं को समझना और उसे अपनी राय व्यक्त करने का अवसर देना आवश्यक है। बच्चों को उनकी आयु और समझ के अनुरूप निर्णय लेने की प्रक्रिया में सहभागी बनाना उनके व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विशेषज्ञों ने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि खेल बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, आपसी सहयोग और सकारात्मक व्यवहार विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। खेल केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए बच्चे जीवन की चुनौतियों का सामना करना, समस्याओं का समाधान खोजना और समूह में मिलकर काम करना भी सीखते हैं। प्रशिक्षण के दौरान स्थानीय एवं पारंपरिक स्वदेशी खेलों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। इन खेलों के माध्यम से बच्चों में सामाजिक जुड़ाव, सहयोग, अनुशासन, संवेदनशीलता और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करने की संभावनाओं को रेखांकित किया गया। साथ ही, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके सर्वांगीण विकास में समुदाय की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। बाल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत डॉ. नारायण दास पंथ, फील्ड ऑफिस, पप्पू दास रिसोर्स पर्सन, हरि मोहन रॉय तथा आयुष पांडेय, फील्ड कोऑर्डिनेटर ने प्रशिक्षण के संचालन में सक्रिय सहभागिता निभाई। जगदलपुर ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतों में कार्यरत आठ सामुदायिक कार्यकर्ताओं और आठ स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण में भाग लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे