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धमतरी की तीन बेटियों का फॉक्सकॉन बेंगलुरु में चयन, हौसलों से हासिल किया मुकाम

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धमतरी की तीन बेटियों का फॉक्सकॉन बेंगलुरु में चयन, हौसलों से हासिल किया मुकाम


धमतरी, 11 सितंबर (हि.स.)। धमतरी की तीन बेटियों ने अपने हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास से यह साबित कर दिखाया है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिले तो बेटियां किसी भी तकनीकी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। मधुरिमा गुरुकुल सेडी, धमतरी में इलेक्ट्रीशियन ट्रेड का प्रशिक्षण लेने वाली तीन महिला प्रशिक्षुओं का चयन देश की प्रतिष्ठित कंपनी फॉक्सकॉन, बेंगलुरु में हुआ है। तीनों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह सीटीसी का रोजगार ऑफर मिला है।

इन बेटियों की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने ऐसे तकनीकी ट्रेड को चुना, जिसे लंबे समय से पुरुष-प्रधान क्षेत्र माना जाता रहा है। इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण लेकर औद्योगिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी तक पहुंचना उनकी तकनीकी दक्षता, सीखने की लगन और आत्मविश्वास को दर्शाता है। उनकी उपलब्धि धमतरी की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणादायक है और यह संदेश देती है कि तकनीकी कौशल के क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार व करियर की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। प्रशिक्षण के दौरान बेटियों ने इलेक्ट्रिकल कार्यों की बारीकियों, उपकरणों के उपयोग, विद्युत सुरक्षा, वायरिंग, मशीनरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़े व्यावहारिक कार्यों में दक्षता हासिल की। प्रशिक्षण ने उनकी तकनीकी क्षमता के साथ बड़े औद्योगिक संस्थानों में काम करने का आत्मविश्वास भी बढ़ाया, जिसका परिणाम उन्हें धमतरी से बेंगलुरु तक रोजगार के अवसर के रूप में मिला।

कलेक्टर और महापौर ने प्रशिक्षणार्थियों से की मुलाकात

इन बेटियों की सफलता से जुड़े प्रशिक्षण की जमीनी स्थिति और युवाओं की तैयारियों को जानने के लिए कलेक्टर अविनाश मिश्रा और नगर निगम धमतरी के महापौर रामू रोहरा ने शुक्रवार को मधुरिमा गुरुकुल से का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर उनके प्रशिक्षण, तकनीकी कौशल और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों को अपने कौशल को निरंतर बेहतर बनाने और उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार हासिल करने वाले युवाओं की उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की गई।

महापौर रामू रोहरा ने कहा कि धमतरी की बेटियों ने इलेक्ट्रीशियन जैसे तकनीकी ट्रेड में प्रशिक्षण लेकर फॉक्सकॉन जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में रोजगार हासिल किया है, यह पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। यह सफलता बताती है कि युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने की है। उन्होंने कहा कि इन तीन बेटियों की सफलता धमतरी की अन्य बेटियों को तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी की बेटियों ने मेहनत, लगन और तकनीकी दक्षता के बल पर नई मिसाल कायम की है। इलेक्ट्रीशियन ट्रेड जैसे तकनीकी क्षेत्र में प्रशिक्षण लेकर फॉक्सकॉन जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में रोजगार हासिल करना उनकी क्षमता और कौशल का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास युवाओं को केवल प्रशिक्षण देने तक सीमित रखने के बजाय उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है, ताकि प्रशिक्षण के बाद उन्हें सीधे रोजगार के अवसर मिल सकें। कौशल से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम जिला प्रशासन और अंबुजा फाउंडेशन के सहयोग से संचालित मधुरिमा गुरुकुल सेडी में युवाओं को रोजगार की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देने के साथ प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अब तक 100 से अधिक युवा प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जुड़ चुके हैं। इस वर्ष लगभग 200 युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि आगामी चरण में जिले के 1000 युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।

धमतरी की इन तीन बेटियों की सफलता इसी पहल की प्रेरक तस्वीर है। इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में सीखा हुनर अब उन्हें बेंगलुरु के औद्योगिक क्षेत्र तक ले जा रहा है। उनकी सफलता केवल रोजगार हासिल करने की उपलब्धि नहीं, बल्कि धमतरी की बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास, तकनीकी दक्षता और आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा