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कांग्रेस की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर, जनता ने इसीलिए नकारा : मुख्यमंत्री साय

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कांग्रेस की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर, जनता ने इसीलिए नकारा : मुख्यमंत्री साय


कांग्रेस पहले अपने संगठन में चल रहे विरोध और अंतर्कलह को देखे : मुख्यमंत्री

रायपुर 22 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस की नीतियों और संगठन के भीतर चल रही खींचतान को लेकर निशाना साधा है।

मंगलवार काे पत्रकारों से चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इससे पहले वे पंजाब के प्रभारी थे, जहां उनका विरोध हुआ। अब वे पहली बार असम में प्रभारी बनकर गए हैं और वहां भी उनका विरोध सामने आया है। कांग्रेस को देखना चाहिए कि आखिर उसके अपने संगठन के भीतर क्या हो रहा है और उसके नेताओं को अपने ही लोगों के बीच विरोध और अपमान का सामना क्यों करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। वह जनता से जो वादे करती है, उन्हें पूरा नहीं करती। यही कारण है कि जनता का कांग्रेस से लगातार विश्वास उठा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भी कांग्रेस के पांच वर्षों के शासन को देखा और उसके बाद अपना स्पष्ट निर्णय दिया। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई। इसके बाद लोकसभा चुनाव और नगरीय निकाय तथा त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भी जनता ने कांग्रेस को नकार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता केवल वादों पर नहीं, बल्कि काम और परिणाम के आधार पर अपना निर्णय करती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने संगठन की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। अपने ही नेताओं के बीच विरोध, अंतर्कलह और असंतोष की जो स्थितियां सामने आ रही हैं, कांग्रेस को पहले उनका समाधान करना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल