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सार्वजनिक मूत्रालय को तोड़े जाने से बिफरे ग्रामीण, कलेक्टर से की शिकायत

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सार्वजनिक मूत्रालय को तोड़े जाने से बिफरे ग्रामीण, कलेक्टर से की शिकायत


धमतरी , 13 मई (हि.स.)। एक तरफ पूरे देश में स्वच्छता को लेकर गांव-गांव में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण हो रहा है तो वहीं दूसरी ओर ग्राम कलारतराई में सार्वजनिक मूत्रालय को ही तोड़ दिया गया है। इससे ग्रामीण नाराज हैं। गांव में सार्वजनिक मूत्रालय को तोड़कर निजी व्यावसायिक परिसर निर्माण कराने को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने मामले की जांच कर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

बुधवार को कलेक्ट्रेट में शिकायत करने पहुंचे ग्रामीण कुंदन साहू, सुनील निर्मलकर, विनोद कुमार और अर्जुन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत कलारतराई के उपसरपंच द्वारा पंचायत की घास-भूमि पर बने सार्वजनिक मूत्रालय को तुड़वाकर व्यावसायिक परिसर का निर्माण कराया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस पूरे मामले की जानकारी पंचायत सरपंच और सचिव को होने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रोका गया, जिससे ग्रामीणों, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक उपयोग की संपत्ति को हटाकर निजी निर्माण कराया जाना पंचायती राज व्यवस्था और नियमों के विपरीत है। आवेदन में कहा गया है कि गांव में सार्वजनिक शौचालय की आवश्यकता आज भी बनी हुई है, लेकिन उसके जीर्णोद्धार की बजाय उसे तोड़ा जाना स्वच्छता व्यवस्था के लिए नुकसानदायक है। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि गांवों में स्वच्छता सुविधाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। ऐसे में सार्वजनिक मूत्रालय को हटाना उचित नहीं माना जा सकता। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए। मामले की शिकायत अपर कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से कलेक्टर कार्यालय तथा कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी धमतरी में भी प्रस्तुत किया गया। साथ ही इसकी प्रतिलिपि एसडीएम कार्यालय और जनपद पंचायत धमतरी को भेजी गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा