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नगरी के जंगलों में हाथी और गौर की दस्तक, लोगों में बढ़ा रोमांच

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नगरी के जंगलों में हाथी और गौर की दस्तक, लोगों में बढ़ा रोमांच


नगरी के जंगलों में हाथी और गौर की दस्तक, लोगों में बढ़ा रोमांच


धमतरी, 06 मई (हि.स.)। धमतरी जिले नगरी क्षेत्र के जंगल इन दिनों वन्य जीवों की हलचल से जीवंत हो उठे हैं। नगरी–जबर्रा मुख्य मार्ग से लगे घने जंगलों में हाथी और गौर (भारतीय बायसन) के समूह देखे जाने से जहां स्थानीय लोगों में रोमांच है, वहीं वन विभाग की चिंता भी बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले तीन गौर और दो हाथियों का समूह नगरी–जबर्रा मार्ग पार करते देखा गया। इस नजारे को देखने के लिए लोग रुक गए और कई लोगों ने इसे अपने मोबाइल में कैद किया। दोनों ही जीव भारत के सबसे शक्तिशाली वन्य प्राणियों में गिने जाते हैं। गौर, जिसे भारतीय बायसन कहा जाता है, छह फीट से अधिक ऊंचा हो सकता है, जबकि हाथी अपनी विशालता और ताकत के लिए प्रसिद्ध हैं। हालांकि यह दृश्य रोमांचकारी जरूर है, लेकिन खतरे से खाली नहीं है। वन विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी कर लोगों से जंगलों में अकेले न जाने की अपील की है। वर्तमान में तेंदूपत्ता तोड़ाई का कार्य चल रहा है, जिसके चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण जंगलों की ओर जा रहे हैं। ऐसे में वन्य प्राणियों से आमना-सामना होने की आशंका बढ़ गई है। पिछले वर्ष गर्मियों में हाथी के हमले में कई लोगों की जान जा चुकी है, जिसे देखते हुए विभाग इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। हाल ही में नगरी के तुमबहरा जंगल में एक अकेला दंतैल हाथी भी देखा गया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाथी अक्सर दल बनाकर चलते हैं, जबकि गौर छोटे समूह या अकेले भी देखे जाते हैं। सामान्यतः ये शांत स्वभाव के होते हैं, लेकिन खतरा महसूस होने पर आक्रामक हो सकते हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही जंगल जाएं, समूह में रहें और सतर्कता बनाए रखें। साथ ही किसी भी वन्य जीव की सूचना तुरंत वन विभाग को देने की सलाह दी गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा