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कोरबा में हाथियों का आतंक: जटगा रेंज के गांवों में मचाया उत्पात, तीन घर क्षतिग्रस्त, फसलें बर्बाद

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कोरबा में हाथियों का आतंक: जटगा रेंज के गांवों में मचाया उत्पात, तीन घर क्षतिग्रस्त, फसलें बर्बाद


कोरबा, 2 मई (हि. स.)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत जटगा रेंज में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात चार हाथियों के दल ने पटेल पारा और धोबघट गांवों में जमकर उत्पात मचाते हुए तीन ग्रामीणों के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और धान सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। शनिवार सुबह तक हाथियों का दल गांवों के आसपास डटा रहा, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना रहा।

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब 12 बजे की है, जब हाथियों का दल सबसे पहले पटेल पारा गांव में घुसा। यहां किसान रामलाल के घर की दीवार तोड़ दी गई और घर में रखी लगभग 15 बोरी धान को कुचलकर बर्बाद कर दिया गया। इसके बाद हाथियों का दल धोबघट गांव पहुंचा, जहां दो अन्य ग्रामीणों के मकानों को भी नुकसान पहुंचाया गया।

हाथियों के गांव में घुसने से अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने शोर मचाकर और मशाल जलाकर किसी तरह हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। हालांकि हाथियों के डर से लोग पूरी रात जागकर अपनी जान-माल की सुरक्षा करते रहे।

ग्रामीण निर्मला यादव ने बताया कि, हाथियों ने उनके बाड़ी में लगे पपीता, गन्ना, केला और सब्जियों को भी नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी भयावह थी कि ग्रामीणों को अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।

बताया जा रहा है कि जटगा रेंज में पिछले कई महीनों से करीब 40 हाथियों का एक बड़ा दल सक्रिय है। दिन के समय ये हाथी जंगल में रहते हैं, लेकिन रात होते ही भोजन की तलाश में आसपास के गांवों में पहुंच जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों के लगातार हमलों से उनकी फसलें और अनाज बर्बाद हो रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और रातभर जागकर पहरा देना पड़ रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। कटघोरा वनमंडल के डीएफओ कुमार निशांत ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

वन विभाग द्वारा गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। साथ ही प्रभावित परिवारों को शासन के नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। विभाग का कहना है कि हाथियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए लगातार निगरानी और सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि जनहानि से बचा जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी