पाईप के नीचे फंसा था बालक का शव, 24 घंटे रेस्क्यू के बाद मिला
धमतरी, 28 सितंबर (हि.स.)। सोरिद वार्ड स्थित नाला के पास खेलते-खेलते पैर फिसलने से गिरे सात वर्षीय बालक का शव घटना के 24 घंटे बाद पाइप के नीचे फंसा हुआ मिला। शव मिलने से स्वजन का रो-रोकर बुराहाल है। वहीं वार्ड में मातम छा गया है। शव का पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है। इधर पुलिस आगे की जांच कार्रवाई में जुट गई है। नाला में गिरने के बाद से लापता हुए बालक को ढूंढने घटना के दूसरे दिन भी सुबह से देर शाम तक निगम टीम व लोग जुटे रहे।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 27 सितंबर को शाम करीब साढ़े पांच बजे भर्रीपारा-सोरिद वार्ड धमतरी निवासी लक्ष्य साहू सात वर्ष पुत्र गौतम साहू वार्ड स्थित नाला के पास खेलते समय पैर फिसलने से नाला में गिर गया था, जहां पानी का तेज बहाव था। खबर पर स्वजन, पुलिस व निगम टीम समेत वार्डवासियों ने घटना के दिन उन्हें ढूंढने घंटों मशक्कत किया, लेकिन रात तक नहीं मिल पाया था। स्वजन व वार्डवासी रपटा नाला के पाइप में बालक के फंसने की आशंका जाहिर की, लेकिन रात में रेस्क्यू नहीं किया, वार्डवासियों ने आक्रोशित होकर चक्काजाम किया, तब जाकर रात में पुल तोड़कर रेस्क्यू किया, लेकिन बालक का कोई पता नहीं चल पाया था। घटना के दूसरे दिन 28 सितंबर को पुन: निगम प्रशासन व वार्डवासी नाला में गिरे बालक को सुबह से ढूंढना शुरू किया। घंटों मशक्कत किया गया। जेसीबी से नाला तोड़ते हुए बालक को ढूंढने पूरा किया गया, लेकिन देर शाम तक नहीं मिल पाया था।
रेस्क्यू के पास वार्ड पार्षद विशु देवांगन समेत वार्डवासी डटे रहे और देर शाम करीब साढ़े पांच बजे रपटा के पास चौथे नंबर के पाइप के नीचे बालक का शव फंसा हुआ मिला। शव मिलने से उनके स्वजन का रो-रोकर बुराहाल हो गया। पूरे वार्ड में मातम छा गया। इस बीच रेस्क्यू में जुटे लोगों ने बालक के फंसे शव को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल धमतरी पोस्टमार्टम के लिए पहुंचाया गया। घटना स्थल पर महापौर रामू रोहरा भी पहुंचे थे, जो लगातार बालक के मिलने की जानकारी लेते रहे। नाला में गिरे बालक के शव मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।
मृत बालक के स्वजन ने बताया कि लक्ष्य साहू अपने माता-पिता की एक बड़ी उम्मीदें थी, क्योंकि मृत लक्ष्य का बड़ा भाई तन्मय साहू मूकबधिर दिव्यांग है, जो रायपुर में पढ़ाई करता है। बहन लवन्या है, जो पढ़ाई कर रही है और सबसे छोटा लक्ष्य था। पिता गौतम साहू वाहन चालक है और मां मजदूरी करती है। ऐसे में गरीब माता-पिता को अपने पुत्र लक्ष्य पर बड़ी उम्मीदें थी, लेकिन नाला में आए बाढ़ ने उनकी उम्मीदें छीन ली।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

