नियमितीकरण सहित कई मांगाें काे लेकर तकनीकी सहायक तीन दिवसीय हड़ताल पर बैठे
कांकेर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत व्हीबी-जी-राम-जी योजना में कार्यरत तकनीकी सहायक आज बुधवार से तीन दिवसीय हड़ताल पर हैं। नियमितीकरण, नियमित पदों के सृजन और सेवा शर्तों में बदलाव की वे मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। तकनीकी सहायकों ने चेतावनी दी है कि तीन दिवसीय हड़ताल के बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे।
तकनीकी सहायक प्रताप सिंह ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत सभी तकनीकी सहायकों का सीधे संविलियन कर नियमित किया जाना चाहिए। जब तक संविलियन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक पंचायत विभाग में लागू नियमों और सेवा शर्तों के अनुरूप काम लिया जाए। इसके साथ ही तकनीकी सहायक पद का नाम बदलकर कनिष्ठ अभियंता (व्हीबी-जी-राम-जी) किए जाने की मांग भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि कांकेर जिले में लगभग 52 और पूरे छत्तीसगढ़ में 1263 तकनीकी सहायक कार्यरत हैं। कर्मचारियों को उम्मीद है कि शासन जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगा।
तकनीकी सहायक मनीष देवांगन ने कहा कि समय पर वेतन नहीं मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार कर्ज लेना पड़ता है और दूसरों से आर्थिक मदद मांगनी पड़ती है। बच्चों की स्कूल फीस भरने तक में मुश्किलें आती हैं। उन्हाेने कहा कि अपनी मांगों को लेकर मजबूरन हड़ताल पर बैठना पड़ा है, 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान 100 दिनों के भीतर संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का आश्वासन मिला था। इस संबंध में फाइलें भी आगे बढ़ीं, लेकिन मांग पूरी नहीं हुई, अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं।
तकनीकी सहायक मोनिका साहू ने बताया कि उनके काम का सीधा संबंध ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों से है। गांवों में जाकर आवेदन एकत्र करना, मशरूम उत्पादन से जुड़े कार्य, मजदूरों को काम उपलब्ध कराना और उनके कार्यों का मूल्यांकन करना जैसी जिम्मेदारियां तकनीकी सहायकों के पास रहती हैं। ऐसे में तीन दिवसीय हड़ताल से इन कार्यों पर असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि यदि हड़ताल के बाद भी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल तकनीकी सहायक अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

