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शिक्षक कल्याण संघ पुरानी पेंशन को लेकर दाे अक्टूबर से करेगा सत्याग्रह आंदोलन

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शिक्षक कल्याण संघ पुरानी पेंशन को लेकर दाे अक्टूबर से करेगा सत्याग्रह आंदोलन


जगदलपुर, 20 सितंबर (हि.स.)। प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ ने 1998-99 से नियुक्त एलबी संवर्ग के शिक्षकों को उनकी देय तिथि से सेवा की गणना करते हुए पुरानी पेंशन सहित सकल लाभ प्रदान किए जाने की मांग को लेकर 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन सत्याग्रह आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।

संघ का दावा है कि प्रदेशभर से लगभग 3 हजार शिक्षक एलबी संवर्ग के कर्मचारी रायपुर के तूता मैदान में एकत्रित होकर अपनी मांग को लेकर आवाज बुलंद करेंगे। प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ ने कहा कि उसकी मांग किसी अन्य लाभ की नहीं, बल्कि 1998-99 से की गई सेवा की विधिसम्मत गणना कर पेंशन सहित संबंधित लाभ प्रदान करने की है। संघ ने प्रदेश भर के 1998-99 से 2004 के पूर्व नियुक्त एलबी संवर्ग के शिक्षकों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है।

प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी ने बताया कि संगठन की ओर से अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर लगातार मंत्री, विधायक, सांसद तथा शासन-प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए हैं। इसके बावजूद अब तक इस विषय में अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया है। संघ के अनुसार, 1998-99 में शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग द्वारा आवंटित पेंशन योग्य पदों पर की गई थी। वर्ष 2001 में उनका नियमितीकरण हुआ तथा वर्ष 2018 में स्कूल शिक्षा विभाग में शासकीयकरण किया गया। संघ का कहना है कि वर्ष 2004 से पूर्व नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू थी, लेकिन 1998-99 में नियुक्त एलबी संवर्ग के शिक्षकों को उनकी पूर्व सेवा अवधि की गणना का लाभ नहीं दिया जा रहा है।

राजकिशोर तिवारी ने कहा कि संघ का मानना है कि नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर पुरानी पेंशन सहित संबंधित सकल लाभ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन ने इस विषय को कई बार मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और शासन-प्रशासन के समक्ष रखा तथा आश्वासन भी मिले, लेकिन अभी तक इस पर ठोस निर्णय नहीं हुआ है।

संघ ने अपने पक्ष में केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियमावली, 1972 तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम, 1976 का उल्लेख करते हुए कहा है कि पूर्व सेवा की गणना के आधार पर पेंशन लाभ दिया जाना चाहिए। संगठन ने यह भी दावा किया है कि अन्य मामलों में 2004 से पूर्व नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पेंशन लाभ प्रदान किया गया है, जबकि 1998-99 से 2004 के पूर्व नियुक्त एलबी संवर्ग के शिक्षक इस लाभ से वंचित हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने हाल ही में बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन एवं सतनाम सिंह व अन्य से संबंधित मामले में 8 सितंबर 2026 के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का भी उल्लेख किया। संघ का कहना है कि उक्त निर्णय में 2004 से पूर्व नियुक्ति से संबंधित सेवा लाभों के संबंध में महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट हुई है। हालांकि, इस निर्णय की संबंधित परिस्थितियों और लागू होने की सीमा के आधार पर ही इसका प्रभाव निर्धारित होगा।संघ का कहना है कि 1998-99 में नियुक्त होकर सेवानिवृत्त हो चुके कई शिक्षकों की आर्थिक स्थिति कठिन है। संगठन के अनुसार, पूर्व सेवा अवधि को शून्य मानकर वर्ष 2018 से सेवा की गणना किए जाने के कारण पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभ प्रभावित हो रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे