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टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट घेरा

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टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट घेरा


टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट घेरा


टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट घेरा




धमतरी, 25 अगस्त (हि.स.)। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को जिलेभर के शिक्षक पांच सूत्री मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। जनपद पंचायत कार्यालय के पास एकत्रित होकर शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना, केंद्रीय वेतनमान के आधार पर वेतन निर्धारण सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद अतिरिक्त तहसीलदार शिवेंद्र सिन्हा को मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक के नाम ज्ञापन सौंपा। जिला संयोजक डा. भूषण लाल चंद्राकर, अमित महोबे एवं दिनेश पांडे ने बताया कि सेवारत शिक्षक संवर्ग के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त कर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया है। ऐसे में पदोन्नति में भी टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की गई है। इसके साथ ही शिक्षक एलबी संवर्ग की पंचायत संवर्ग में प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना करने की मांग भी की गई है। मोर्चा का कहना है कि सेवा अवधि की गणना के आधार पर पूर्ण पुरानी पेंशन सहित शिक्षा विभाग में लागू सभी लाभ शिक्षकों को मिलना चाहिए।

शिक्षक संवर्ग की लंबित वेतन विसंगति दूर करने के लिए केंद्रीय वेतनमान संरचना के आधार पर वेतन निर्धारण की मांग की गई है। साथ ही 13 फरवरी 2026 को जारी छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती एवं पदोन्नति नियम में एलबी संवर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन करने की मांग रखी गई है।

मोर्चा ने बीएड प्रशिक्षण से वंचित शिक्षक संवर्ग के लिए शिक्षा विभाग की ओर से योजना बनाकर ब्रिज कोर्स के माध्यम से बीएड प्रशिक्षण कराने की मांग की है। शिक्षकों ने सभी मांगों का जल्द निराकरण कर आवश्यक आदेश जारी करने की मांग की। इस दौरान डा. गणेश साहू, गेवाराम नेताम, डा. आशीष नायक, शेष नारायण गजेंद्र, शैलेंद्र कौशल, टीकम सिन्हा, बी यदु, कैलाश सोन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा