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बस्तर ओलंपिक में इस बार दोगुने पंजीयन का लक्ष्य

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बस्तर ओलंपिक में इस बार दोगुने पंजीयन का लक्ष्य


जगदलपुर, 11 सितंबर (हि.स.)। नक्सलवाद के साए से मुक्त बस्तर में आयोजित होने जा रहे बस्तर ओलंपिक 2026-27 को लेकर युवाओं में खासा उत्साह है। इस वर्ष प्रतियोगिता में गत वर्ष की तुलना में दोगुना पंजीयन कराने का लक्ष्य रखा गया है।

बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में संभाग के सभी खेल अधिकारियों को तैयारियां सर्वोच्च प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में उप आयुक्त गीता रायस्त और खेल अधिकारी सुशांत पाल सहित संभाग के सभी जिलों के खेल अधिकारी उपस्थित रहे। कमिश्नर ने कहा कि नक्सलमुक्त वातावरण बनने के बाद बस्तर की उन खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का अवसर मिला है, जो भय और खौफ के कारण अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर पा रही थीं। शासन का उद्देश्य अंदरूनी वनांचल में छिपी नैसर्गिक खेल प्रतिभाओं को निखारकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है।

बस्तर ओलंपिक का आयोजन संभाग के सात जिलों बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में 11 खेल विधाओं में तीन स्तरों पर किया जाएगा। खिलाड़ियों का पंजीयन 1 से 30 अक्टूबर 2026 तक होगा। विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताएं 1 से 13 नवंबर, जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं 16 से 25 नवंबर तथा संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं 7 से 11 दिसंबर 2026 तक आयोजित की जाएंगी।

कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि अंदरूनी ग्रामीण अंचलों के प्रत्येक गांव से अधिक से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीयन की व्यवस्था रहेगी।

उन्होंने प्रतियोगिता के पारदर्शी और व्यवस्थित संचालन के लिए ब्लॉक एवं जिला स्तर पर आयोजन समितियों के गठन तथा नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए। साथ ही गांव-गांव तक बैनर-पोस्टर, दीवार लेखन, मुनादी और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा, ताकि वनांचल की कोई भी खेल प्रतिभा बस्तर ओलंपिक के मंच से वंचित न रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे