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सुशासन तिहार बना जीवन लाल के लिए उम्मीद की नई राह

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सुशासन तिहार बना जीवन लाल के लिए उम्मीद की नई राह


ट्राइसाइकिल मिलने से बढ़ा आत्मविश्वास, अब आत्मनिर्भर जीवन की ओर कदम

धमतरी, 08 मई (हि.स.)। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित सुशासन तिहार जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगा रहा है। कुरुद विकासखंड के ग्राम सिवनीकला में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर दिव्यांग जीवन लाल साहू के लिए खुशियों और आत्मनिर्भरता का संदेश लेकर आया। बचपन से दोनों पैरों की गंभीर दिव्यांगता से जूझ रहे जीवन लाल साहू वर्षों से घुटनों के बल चलकर अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे।

दैनिक जरूरतों और छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और परिवार के साथ खेती-किसानी के कार्यों में अपनी क्षमता अनुसार सहयोग करते रहे। परिवार के पास लगभग दो एकड़ कृषि भूमि है। शासन की ओर से उन्हें प्रतिमाह 500 रुपये दिव्यांग पेंशन और राशन कार्ड के माध्यम से 35 किलो चावल मिल रहा है, जिससे परिवार को कुछ आर्थिक राहत मिलती है। ग्रामीणों से जानकारी मिलने पर जीवन लाल ने सुशासन तिहार के दौरान आयोजित शिविर में समाज कल्याण विभाग के स्टॉल पर ट्राइसाइकिल के लिए आवेदन किया।

विभाग ने तत्परता दिखाते हुए शिविर स्थल पर ही उन्हें ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी। ट्राइसाइकिल मिलते ही जीवन लाल के चेहरे पर खुशी साफ झलकने लगी। भावुक होकर उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपने छोटे-छोटे कामों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। खेत तक जाना हो, गांव में किसी कार्य से निकलना हो या दैनिक जरूरतें पूरी करनी हों, अब उनका जीवन पहले से कहीं अधिक आसान और सम्मानजनक हो सकेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा